ताइवान तनाव के बीच चीन ने जापान पर कसा शिकंजा, सैन्य ताकत बढ़ाने वाले सामानों पर लगाया बैन
punjabkesari.in Tuesday, Jan 06, 2026 - 07:25 PM (IST)
International Desk: चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि जापानी सैन्य उपयोगकर्ताओं के साथ-साथ उन सभी अंतिम उपयोगकर्ताओं को ड्यूल-यूज़ वस्तुओं का निर्यात प्रतिबंधित रहेगा, जिनसे जापान की सैन्य शक्ति को बढ़ावा मिल सकता है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन चाहे वह किसी भी देश का हो, मेड-इन-चाइना उत्पादों को जापानी संस्थाओं या व्यक्तियों तक पहुंचाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, चीन ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन-किन वस्तुओं पर रोक लगाई गई है, लेकिन माना जा रहा है कि ड्रोन, नेविगेशन सिस्टम और उन्नत तकनीकी उपकरण इस प्रतिबंध के दायरे में आ सकते हैं, जिनका सैन्य इस्तेमाल संभव है। इस फैसले पर जापान की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।गौरतलब है कि पिछले साल के अंत में चीन-जापान संबंधों में उस वक्त और खटास आ गई थी, जब जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा था कि यदि चीन ताइवान के खिलाफ कोई कदम उठाता है, तो जापान की सेना हस्तक्षेप कर सकती है।
दिसंबर में जापान ने आरोप लगाया था कि चीनी सैन्य विमानों ने उसके फाइटर जेट्स पर रडार लॉक किया, जबकि दोनों के बीच सुरक्षित दूरी बनी हुई थी। इसके साथ ही जापान चीन से बढ़ते खतरे को देखते हुए अपने रक्षा बजट को दोगुना करने और सैन्य क्षमताएं बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।इसी बीच, पिछले सप्ताह चीन ने ताइवान के आसपास दो दिनों तक बड़े सैन्य अभ्यास किए, जिन्हें उसने अलगाववादी और बाहरी ताकतों को चेतावनी बताया। उस दौरान चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने जापान और ताइवान की “स्वतंत्रता समर्थक ताकतों” की तीखी आलोचना की थी।
सोमवार को बीजिंग में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से मुलाकात के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जापान के खिलाफ ऐतिहासिक संघर्ष का जिक्र करते हुए चीन और दक्षिण कोरिया से द्वितीय विश्व युद्ध की जीत के फल की रक्षा और उत्तर-पूर्व एशिया में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए साथ आने की अपील की।विश्लेषकों का मानना है कि चीन का यह फैसला पूर्वी एशिया में सामरिक प्रतिस्पर्धा को और तेज कर सकता है।
