Trade War: कनाडा का करारा जवाब, US प्रोडक्ट्स पर लगाया 20 अरब डॉलर का टैरिफ

punjabkesari.in Tuesday, Aug 25, 2026 - 10:56 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका और कनाडा के बीच जारी व्यापारिक टकराव अब और भी गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया टैरिफ लगाने के फैसले के जवाब में कनाडा सरकार ने भी करीब 20 अरब अमेरिकी डॉलर (27.6 अरब कनाडाई डॉलर) के भारी जवाबी आयात शुल्क लगाने की घोषणा कर दी है। इस आर्थिक टकराव के बीच अपने घरेलू व्यवसायों और श्रमिकों को राहत देने के लिए कनाडा ने एक बहु-अरब डॉलर के विशेष आर्थिक सहायता पैकेज की भी घोषणा की है।

700 अमेरिकी उत्पादों पर गाज, 50% तक लगेगा टैरिफ
कनाडा द्वारा उठाए गए ये जवाबी कदम आगामी 8 सितंबर से प्रभावी होंगे। इसके तहत अमेरिका से आयात होने वाले लगभग 700 उत्पादों पर 15 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक का भारी आयात शुल्क लगाया जाएगा।

  • 50% शुल्क: अमेरिकी स्टील, एल्युमीनियम, फर्नीचर और कपड़ों जैसे उत्पादों पर 50 प्रतिशत की दर से भारी शुल्क लागू होगा।
  • 25% शुल्क: चीज (पनीर), घरेलू उपकरण (अप्लायंसेज) और कुछ समुद्री खाद्य पदार्थों (सीफूड) पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा।
  • 15% शुल्क: अमेरिकी इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों और टूल्स (उपकरणों) पर 15 प्रतिशत टैरिफ वसूला जाएगा।

हालांकि, कनाडा ने अपनी इस जवाबी कार्रवाई में बेहद रणनीतिक रुख अपनाया है। देश ने राजनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद संवेदनशील कनाडाई निर्यातों, जैसे कि ऊर्जा या पोटाश, को अमेरिकी टैरिफ से पूरी तरह दूर रखा है।

घरेलू उद्योगों को बचाने के लिए $5.42 अरब का बड़ा राहत पैकेज
कनाडा के वित्त मंत्री फ्रेंकोइस-फिलिप शैंपेन ने कहा कि सरकार ने बहुत ही आनुपातिक और संतुलित दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने चिंता जताई कि नए अमेरिकी आयात शुल्क कनाडा के छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को "असंतुलित रूप से प्रभावित" कर सकते हैं। इससे निपटने के लिए कनाडा ने घरेलू स्तर पर प्रतिस्पर्धा बनाए रखने हेतु 7.5 अरब कनाडाई डॉलर (5.42 अरब अमेरिकी डॉलर) के भारी-भरकम सहायता पैकेज का ऐलान किया है। यह वित्तीय पैकेज कंपनियों को नगदी प्रवाह (कैश फ्लो) संभालने और प्रभावित होने वाले कर्मचारियों के रोजगार की रक्षा करने में मदद करेगा।

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बताया इसे 'आर्थिक हमला'
दोनों देशों के बीच व्यापारिक बातचीत पूरी तरह विफल होने के बाद यह स्थिति उत्पन्न हुई है। ऑटो, स्टील और व्यापक व्यापार नीतियों पर असहमति के कारण बातचीत पटरी से उतर गई, जिसके बाद कनाडा ने अपनी वार्ता टीम को वापस बुला लिया। इसके बाद, अमेरिका ने 22 अगस्त से कनाडा के करीब $20 अरब के सामानों पर 50 प्रतिशत शुल्क लागू कर दिया था।

इस पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सीधे तौर पर एक आर्थिक हमला बताया है। प्रधानमंत्री कार्नी ने कहा, "जब आप पर हमला होता है, तो आप युद्ध में होते हैं। हम पर हमला हुआ है"।

2025 से जारी है पुराना विवाद
उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के बीच यह व्यापारिक तनातनी वर्ष 2025 में तब शुरू हुई थी, जब ट्रंप ने सीमा सुरक्षा और फेंटानिल तस्करी की चिंताओं का हवाला देकर कनाडाई वस्तुओं पर शुल्क थोप दिया था। यद्यपि, दोनों देशों के बीच व्यापार का एक बड़ा हिस्सा 'कनाडा-अमेरिका-मेक्सिको समझौते' (CUSMA) के तहत आता है, जिसे बिना किसी शुल्क के सुगम व्यापार के लिए बनाया गया था, लेकिन वाशिंगटन द्वारा लगातार कनाडाई सामानों पर शुल्क लगाने के नए कानूनी रास्ते तलाशने से दोनों देशों के रिश्ते अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं।


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Content Writer

Pardeep