सड़क पर पड़े सूटकेस में मिली ‘महिला की लाश', फोरेंसिक जांच में खुला ऐसा राज पुलिस रह गई सन्न
punjabkesari.in Wednesday, Aug 12, 2026 - 07:46 PM (IST)
Melbourne: ऑस्ट्रेलिया में सड़क किनारे पड़े एक लावारिस सूटकेस ने पुलिस को उस वक्त सकते में डाल दिया, जब उसके अंदर किसी महिला के शव जैसी चीज दिखाई दी। मामला इतना गंभीर लगा कि पुलिस ने इसे संभावित हत्या का मामला मानकर जांच शुरू कर दी। लेकिन फोरेंसिक जांच के बाद पूरा मामला ही पलट गया। सूटकेस में इंसानी शव नहीं, बल्कि बेहद ऐसी चीज थी जिसके बारे में पता लगने पर पुलिस भी सन्न रह गई । मामला ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स के ओलेन इलाके का है, जो गोलबर्न के पास स्थित है। रविवार को सड़क से गुजर रहे दो लोगों की नजर एक लावारिस सूटकेस पर पड़ी। उन्हें उसके अंदर किसी इंसान के शव जैसा कुछ दिखाई दिया।
A homicide investigation has been called off in New South Wales after a shocking development. Forensic testing revealed a body found stuffed in a suitcase was actually a life-like doll. pic.twitter.com/LGe3akRYcJ
— 7NEWS Queensland (@7NewsBrisbane) August 10, 2026
मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और संभावित अपराध स्थल को सुरक्षित कर लिया। सूटकेस के अंदर मौजूद वस्तु इतनी वास्तविक दिखाई दे रही थी कि शुरुआती तौर पर इसे महिला का शव माना गया। पुलिस ने संभावित हत्या की आशंका को देखते हुए जांच शुरू की। वस्तु को कपड़े पहनाए गए थे। उसके बाल थे, नाक में पियर्सिंग थी और शरीर पर ऐसे निशान दिखाई दे रहे थे, जो पहली नजर में चोट या खरोंच जैसे लग रहे थे। इन वजहों से मामला और भी संदिग्ध नजर आया।
इसके बाद फोरेंसिक जांच की गई। जांच में पता चला कि सूटकेस के अंदर कोई इंसान नहीं था, बल्कि एक लाइफ-लाइक सेक्स डॉल थी। इस खुलासे के बाद संभावित हत्या की जांच को बंद कर दिया गया। न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने पुष्टि की कि सूटकेस में मिली वस्तु इंसानी अवशेष नहीं थी। यह सवाल भी उठा कि अगर पुलिस को शक था तो सूटकेस को मौके पर ही खोलकर जांच क्यों नहीं की गई। फोरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक, संभावित मानव अवशेष मिलने पर पुलिस का जल्दबाजी में चीजों को छेड़ना सबूतों को नुकसान पहुंचा सकता है। सूटकेस की जिप, सतह या अंदर मौजूद किसी भी वस्तु पर फिंगरप्रिंट, फाइबर, जैविक सामग्री या दूसरे महत्वपूर्ण सबूत हो सकते हैं। इसी वजह से विशेषज्ञों ने पुलिस की सावधानी का बचाव किया और कहा कि संभावित अपराध स्थल को पहले सुरक्षित करना उचित प्रक्रिया है।
फोरेंसिक विशेषज्ञ प्रोफेसर पाओला मैग्नी ने बताया कि किसी बंद सूटकेस या कंटेनर के अंदर मानव अवशेष होने का संदेह हो तो उसे तुरंत खोलने के बजाय एक्स-रे जैसी तकनीक से शुरुआती जांच करना उपयोगी हो सकता है। इससे जांचकर्ता बिना वस्तु को छेड़े अंदर की स्थिति का अंदाजा लगा सकते हैं और सबूतों को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है। फोरेंसिक जांच के बाद हत्या की आशंका खत्म हो गई। हालांकि पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह डॉल वहां कितने समय से पड़ी थी और उसे किसने वहां छोड़ा।
