मुस्लिम बाहुल इस देश में सेना ही बनी जनता की दुश्मन ! भीड़भाड़ वाले बाजार पर किया हवाई हमला, कम से कम 100 लोगों की मौत(Video)
punjabkesari.in Wednesday, May 13, 2026 - 12:45 PM (IST)
International Desk: नाइजीरिया में लगता है सेना ही आम जनता की दुश्मन बन बैठी है। देश के उत्तर-पश्चिमी ज़मफारा प्रांत में एक भीड़भाड़ वाले बाजार पर हुए हवाई हमले में कम से कम 100 नागरिकों की मौत होने का दावा किया गया है। Amnesty International ने कहा कि यह हमला रविवार को ज़ुर्मी जिले के तुम्फा बाजार में हुआ। संगठन के अनुसार हमले में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चियां भी मारी गईं। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इस घटना की तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की है। रिपोर्ट के मुताबिक हमले में घायल हुए कई लोगों का इलाज ज़ुर्मी और शिंकाफी के अस्पतालों में चल रहा है।
Airstrike in Tumfa Market of Zamfara killed over 100 civilians including women, children and elderly people who were trapped inside the rubble of the building in the market.
— Idris4Peace (@Edrees4P) May 12, 2026
How Many More Civilian Deaths Before Accountability?
For years, I have documented and spoken about the… pic.twitter.com/lPUiaUm4d3
स्थानीय लोगों के हवाले से कहा गया कि दोपहर के समय सैन्य विमान इलाके के ऊपर मंडराते देखे गए थे। इसके करीब दो घंटे बाद बाजार पर हमला किया गया। उस समय बाजार में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। नाइजीरियाई सेना ने फिलहाल इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि सेना पहले भी ऐसे आरोपों से इनकार करती रही है और कहती है कि उसके हवाई हमले केवल खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते हैं। यह एक महीने के भीतर दूसरा बड़ा मामला है, जब उत्तरी नाइजीरिया के किसी बाजार पर हवाई हमले में बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत हुई है। अप्रैल में जिली इलाके के एक साप्ताहिक बाजार पर हुए हमले में लगभग 200 लोगों की मौत हुई थी। उस घटना की जांच भी जारी है।
With one airstrike, the @HQNigerianArmy killed 100 civilians....the @NGRSenate is heading to South Africa for a holiday!! pic.twitter.com/bhxKWPYZic
— Amukelani Moyani (@AmukelaniMoyani) May 13, 2026
नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिम में लंबे समय से सशस्त्र गिरोहों और अपहरण करने वाले हमलावरों का आतंक बना हुआ है, जबकि उत्तर-पूर्व में इस्लामी उग्रवाद से जुड़ा संघर्ष कई वर्षों से जारी है। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि लगातार हो रहे सैन्य अभियानों और हवाई हमलों में आम नागरिकों की मौत बढ़ती जा रही है, जिससे लोगों में डर और गुस्सा फैल रहा है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि आम लोग एक तरफ सशस्त्र गिरोहों और दूसरी तरफ सैन्य कार्रवाई दोनों के बीच फंस गए हैं।
