अमेरिकी सेना की टॉप लीडरशिप में बगावतः हेगसेथ से तनातनी के बीच अमेरिकी आर्मी सेक्रेटरी देंगे इस्तीफा
punjabkesari.in Sunday, Aug 23, 2026 - 05:57 PM (IST)
Washington: अमेरिकी सेना के नेतृत्व में एक और बड़ा बदलाव होने की अटकलें तेज हो गई हैं। अमेरिकी आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल साल 2026 के अंत तक या उससे पहले अपने पद से हट सकते हैं। द वॉल स्ट्रीट जर्नल में चर्चा से परिचित लोगों के हवाले से यह दावा किया गया है। वहीं द हिल की रिपोर्ट के मुताबिक ड्रिस्कॉल करीब 2026 के अंत में पद छोड़ने का लक्ष्य रख रहे हैं। हालांकि ड्रिस्कॉल और पेंटागन के प्रवक्ताओं ने इन रिपोर्टों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। ड्रिस्कॉल के संभावित प्रस्थान को रक्षा विभाग में वरिष्ठ नेतृत्व के भीतर चल रही उठापटक से जोड़कर देखा जा रहा है।
रिपोर्टों के मुताबिक ड्रिस्कॉल और अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच पिछले कई महीनों से मतभेद रहे हैं। ड्रिस्कॉल अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के लंबे समय से सहयोगी और करीबी माने जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप प्रशासन की शुरुआत में ही दोनों के बीच तनाव के संकेत दिखाई देने लगे थे।बताया गया है कि ड्रिस्कॉल ने वेंस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए अमेरिकी सैनिकों से मुलाकात और सेना में प्रस्तावित सुधारों पर चर्चा का कार्यक्रम तैयार करने की पेशकश की थी। इसके बाद दोनों के बीच संबंधों में खिंचाव बढ़ने की बात सामने आई।
यूक्रेन वार्ता में ड्रिस्कॉल की भूमिका
ड्रिस्कॉल की भूमिका केवल अमेरिकी सेना के प्रशासनिक मामलों तक सीमित नहीं रही। द हिल के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के प्रयासों के तहत यूक्रेनी अधिकारियों के साथ बातचीत का जिम्मा भी दिया था। ड्रिस्कॉल ने सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज के साथ यूक्रेन का दौरा भी किया था। इस दौरान उन्होंने जनरल क्रिस डोनाह्यू के साथ यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से कूटनीतिक प्रयासों को लेकर चर्चा की थी।
रैंडी जॉर्ज को हटाने के बाद रिश्तों में बढ़ी खटास
अमेरिकी सेना के नेतृत्व में एक और बड़ा बदलाव तब हुआ जब हेगसेथ ने अप्रैल में जनरल रैंडी जॉर्ज को आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ के पद से हटा दिया। इस फैसले की वजह सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट नहीं की गई थी। इस कदम को लेकर कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी सवाल उठाए थे, जबकि जॉर्ज के कार्यकाल की प्रशंसा करने वाले लोग भी सामने आए। कांग्रेस में इस फैसले पर सवाल पूछे जाने पर ड्रिस्कॉल ने जॉर्ज को “बेहतरीन और बदलाव के लिए प्रतिबद्ध नेता” बताया था।
ड्रिस्कॉल के संभावित जाने की खबर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिकी सेना पहले से ही शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर एक रिक्ति का सामना कर रही है।फिलहाल सेना के पास सीनेट से पुष्टि प्राप्त स्थायी आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ नहीं है। जनरल रैंडी जॉर्ज को हटाए जाने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक उनके स्थायी उत्तराधिकारी को नामित नहीं किया है। अभी जनरल क्रिस्टोफर ला नेव कार्यवाहक आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में काम कर रहे हैं। वह पहले सेना के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ रह चुके हैं और हेगसेथ के वरिष्ठ सैन्य सहयोगी भी रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उनकी स्थायी नियुक्ति को लेकर दोनों दलों के कुछ सीनेटरों की आपत्तियां सामने आई हैं।
ड्रिस्कॉल ने सेना में टेक्नोलॉजी पर दिया जोर
अपने कार्यकाल में ड्रिस्कॉल ने अमेरिकी सेना में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर काफी जोर दिया। उन्होंने जनरल जॉर्ज के साथ मिलकर Army Transformation Initiative को आगे बढ़ाया। इसका उद्देश्य सेना की युद्ध क्षमता को आधुनिक बनाना, सैन्य ढांचे को अधिक प्रभावी करना और पुराने या गैर-जरूरी कार्यक्रमों को हटाना था। इस पहल में ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक युद्ध तकनीक को अमेरिकी सेना के ढांचे में शामिल करने पर भी जोर दिया गया। ड्रिस्कॉल ने सैनिकों की जीवन स्थितियों में सुधार और सेना के उपकरणों के आधुनिकीकरण की भी वकालत की।
