तालिबान का 'ऑपरेशन बदला': अफगानिस्तान ने पाकिस्तान की 19 चौकियों पर किया कब्जा, 55 सैनिक ढेर
punjabkesari.in Friday, Feb 27, 2026 - 10:01 AM (IST)
Pakistan Afghanistan War : दक्षिण एशिया में दो पड़ोसी देशों, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव अब खुली जंग में तब्दील होता नजर आ रहा है। तालिबान के नेतृत्व वाली अफगान सरकार ने दावा किया है कि उन्होंने पाकिस्तान द्वारा किए गए हालिया हवाई हमलों का करारा जवाब देते हुए सीमा पर स्थित 19 पाकिस्तानी सैन्य चौकियों और एक मुख्यालय पर कब्जा कर लिया है। इस खूनी संघर्ष में 55 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने की खबर है।
क्यों भड़की हिंसा की आग?
अफगानिस्तान के वाइस स्पीकर हमदुल्लाह फितरत के अनुसार यह कार्रवाई 22 फरवरी को पाकिस्तानी सेना द्वारा अफगान सीमा के भीतर किए गए हमलों का बदला है जिसमें 19 अफगान नागरिकों की जान चली गई थी। तालिबान ने इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए जवाबी सैन्य अभियान शुरू किया है।
जमीनी हालात: टैंक और हथियार जब्त
तालिबान ने दावा किया है कि अफगान सेना (इस्लामिक अमीरात फोर्सेस) ने न केवल चौकियों पर कब्जा किया बल्कि भारी मात्रा में गोला-बारूद भी अपने हाथ में लिया है:
-
नुकसान: 55 पाक सैनिक मारे गए जिनमें से 23 के शव बरामद करने का दावा किया गया है।
-
जब्ती: अफगान सेना ने पाकिस्तान का एक टैंक, एक हार्वेस्टर और बड़ी संख्या में आधुनिक हथियार अपने कब्जे में ले लिए हैं।
-
बंदी: कुछ पाकिस्तानी सैनिकों को जिंदा पकड़ने का भी दावा किया गया है।
Sixth update!
— Hamdullah Fitratحمدالله فطرت (@FitratHamd) February 26, 2026
Retaliatory Operations:
Along the so-called Durand Line, heavy retaliatory offensive operations have been launched against the enemy by the Islamic Emirate of Afghanistan through the 203 Mansouri Corps and the 201 Khalid bin Walid Corps at various points in the…
किन इलाकों में चल रही है जंग?
सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ फसीहुद्दीन फितरत इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे हैं। जंग के मुख्य मोर्चे निम्नलिखित हैं:
-
प्रांत: पक्तिया, पक्तिका, खोस्त, कुनार, नूरिस्तान और नंगरहार।
-
प्रमुख बिंदु: तोरखम गेट और डूरंड लाइन के आसपास के विभिन्न सैन्य ठिकाने।
-
कोर की भूमिका: इस हमले में अफगान सेना की '203 मंसूरी कोर' और '201 खालिद बिन वालिद कोर' मुख्य रूप से शामिल हैं।
The major headquarters of the Pakistani regime located at Anzar Sar, under the Babrak post in the Alisher–Terezi district of Khost Province, has just been captured. Dozens of soldiers are killed and wounded, and a large quantity of weapons has fallen into the hands of the Afghan…
— Hamdullah Fitratحمدالله فطرت (@FitratHamd) February 26, 2026
विवाद की जड़: डूरंड लाइन और TTP
दोनों देशों के बीच दुश्मनी के दो मुख्य कारण हैं:
-
डूरंड लाइन: 2,611 किमी लंबी इस सीमा को अफगानिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर नहीं मानता। उसका दावा है कि यह ब्रिटिश काल का एक विवादित बंटवारा है।
-
TTP का मुद्दा: पाकिस्तान का आरोप है कि 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) के आतंकी अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल करके पाकिस्तान में हमले करते हैं। अफगानिस्तान इन आरोपों को हमेशा खारिज करता रहा है।
