फुटबॉल मैच के बाद मची भगदड़, हिंसा में 2 लोगों की हुई मौत 192 लोग घायल

punjabkesari.in Sunday, Jun 01, 2025 - 03:01 PM (IST)

नेशनल डेस्क: रविवार की रात फ्रांस की राजधानी पेरिस के लिए गर्व का क्षण होना चाहिए था। फुटबॉल लीग में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) ने शानदार जीत दर्ज की, जिससे शहर की सड़कों पर हजारों प्रशंसक उतर आए। लेकिन ये खुशी कुछ ही घंटों में तबाही में बदल गई। जगह-जगह झड़पें शुरू हो गईं और हालात इतने बिगड़ गए कि दंगा पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। इस उन्मादी जश्न के दौरान हुई हिंसा में दो लोगों की जान चली गई। मृतकों में एक 17 वर्षीय किशोर भी शामिल है। इसके अलावा करीब 192 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। फ्रांस के गृह मंत्री ब्रूनो रिटेलो ने घटना की निंदा करते हुए कहा बर्बर लोग पेरिस की सड़कों पर उतर आए हैं।

पुलिस ने किया आंसू गैस का इस्तेमाल

भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और बल प्रयोग का सहारा लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उपद्रवी तत्वों ने कई जगहों पर आगजनी की और वाहनों को नुकसान पहुंचाया। संवेदनशील इलाकों में तत्काल दंगा नियंत्रण बल तैनात किए गए।

PSG की जीत पर शुरू हुआ जश्न

PSG ने म्यूनिख में खेले गए फाइनल मुकाबले में इंटर मिलान को हराकर चैंपियंस लीग का खिताब अपने नाम किया। यह जीत फ्रांसीसी फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है और इसलिए समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए थे। हालांकि PSG के खिलाड़ियों ने पहले ही प्रशंसकों से शांति बनाए रखने की अपील की थी लेकिन इस अपील का असर नजर नहीं आया। शहर में जगह-जगह अफरा-तफरी का माहौल था। सोशल मीडिया पर भी हिंसा के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें वाहनों में आग लगाना और दुकानों में तोड़फोड़ करना साफ देखा जा सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हिंसा ने फ्रांस की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस को पहले से अंदेशा था कि बड़ी भीड़ जुट सकती है, फिर भी पर्याप्त तैयारी नहीं दिखी। अब गृह मंत्रालय द्वारा स्थिति की समीक्षा की जा रही है और कुछ अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप भी लग सकते हैं।

सरकार ने क्या कहा?

गृह मंत्री ब्रूनो रिटेलो ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस जीत के जश्न को हिंसा में बदल रहे हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। CCTV फुटेज और वायरल वीडियो की जांच के आधार पर जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी।

 

 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Ashutosh Chaubey

Related News