आपके बच्चे में भी दिख रहे हैं ये 7 लक्षण तो हो जाएं सावधान! हो सकते हैं कैंसर के शुरुआती संकेत, विशेषज्ञ ने दी अहम जानकारी
punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 07:03 PM (IST)
Symptoms of cancer in children: बच्चों में कैंसर के मामले अक्सर प्रारंभिक स्तर पर पहचान में नहीं आ पाते, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बीमारियों जैसे होते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए, एम्स नई दिल्ली की बाल कैंसर विशेषज्ञ और पीडियाट्रिक ऑन्कोलॉजी डिवीजन की प्रमुख, प्रोफेसर डॉ. रचना सेठ ने अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सामान्य बीमारी और कैंसर में बारीक अंतर
डॉ. सेठ के अनुसार, वयस्कों के विपरीत बच्चों में कैंसर के लक्षण बहुत स्पष्ट नहीं होते। कई बार माता-पिता इसे मौसमी बुखार, कमजोरी या संक्रमण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बच्चे में नीचे दिए गए लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
बच्चों में कैंसर के प्रमुख संकेत (Alert Signs):
अकारण बुखार और वजन घटना: बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबे समय तक बुखार रहना या वजन में लगातार गिरावट आना।
असामान्य गांठ या सूजन: शरीर के किसी भी हिस्से में बिना चोट के गांठ या सूजन का दिखाई देना।
हड्डियों और जोड़ों में दर्द: बिना किसी शारीरिक चोट के जोड़ों या हड्डियों में लगातार दर्द की शिकायत।
अत्यधिक थकान और पीलापन: बच्चे का हर समय थका हुआ महसूस करना और शरीर में खून की कमी (पीलापन) दिखना।
रक्तस्राव (Bleeding): मसूड़ों, नाक से खून आना या पेशाब में रक्त आना।
न्यूरोलॉजिकल संकेत: बार-बार सिरदर्द होना और उल्टी आना।
त्वचा पर रैशेज: त्वचा पर अजीब तरह के रैशेज का दिखना।
विशेषज्ञ की चेतावनी: समय पर इलाज ही है बचाव
डॉ. रचना सेठ ने कहा कि बच्चों में मुख्य रूप से ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर), लिम्फोमा और ब्रेन ट्यूमर जैसे कैंसर अधिक देखे जाते हैं। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया है कि यदि बच्चों में ये लक्षण बेवजह और लंबे समय तक दिखें, तो बिना देरी किए विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।
Awareness brings hope, and timely action saves lives.
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) February 20, 2026
Dr. Rachna Seth, Professor and Chief, Pediatric Oncology Division at AIIMS New Delhi, shares important insights on the early warning signs of childhood cancer and explains how early detection and prompt treatment can… pic.twitter.com/6QVq4ycK2t
जल्द पहचान, बेहतर परिणाम
चिकित्सकीय दृष्टिकोण से, कैंसर का जितनी जल्दी पता चलता है, उपचार की सफलता दर उतनी ही अधिक होती है। देरी करना बच्चे की स्थिति को गंभीर बना सकता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे लक्षणों के प्रति सजग रहें और समय पर चिकित्सकीय परामर्श सुनिश्चित करें।
