Period में तेज दर्द और ज्यादा ब्लीडिंग को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं गंभीर बीमारी के संकेत
punjabkesari.in Saturday, Aug 22, 2026 - 01:34 PM (IST)
Period Health : स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि पीरियड के दौरान होने वाली हर समस्या को सिर्फ सामान्य 'हार्मोनल बदलाव' मानकर टालना भारी पड़ सकता है। हालांकि हल्का-फुल्का दर्द, थकान या मूड स्विंग्स होना स्वाभाविक हो सकतें हैं लेकिन यदि लक्षण आपकी दिनचर्या को प्रभावित करने लगें तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।
वहीं महिलाओं को अपने मेंस्ट्रुअल साइकिल में होने वाले कुछ बदलावों पर तुरंत ध्यान देने और समय रहते गायनेकोलॉजिस्ट से परामर्श करने की सलाह दी जाती है।

यदि आपको पीरियड के दौरान बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है बार-बार पैड या टैम्पोन बदलना पड़ रहा है और यह स्थिति कई दिनों तक बनी रहती है तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह गर्भाशय में फाइब्रॉएड, पॉलीप्स या अन्य अंदरूनी समस्याओं के कारण हो सकता है। इससे शरीर में खून की कमी का खतरा बढ़ जाता है।
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पीरियड में होने वाला ऐसा ऐंठन या दर्द, जो पेनकिलर से भी ठीक न हो और आपकी पढ़ाई, नौकरी या दैनिक कामों को रोक दे सामान्य नहीं है। यह एंडोमेट्रियोसिस या एडेनोमायोसिस जैसी मेडिकल कंडीशन्स का लक्षण हो सकता है।

वहीं तनाव या खानपान से कभी-कभार चक्र में 2-4 दिनों का फर्क आना आम है लेकिन यदि महीने-दर-महीने पीरियड मिस हो रहे हों या चक्र बहुत छोटा या लंबा हो गया हो तो यह PCOS या थायरॉयड का संकेत हो सकता है।

भारी रक्तस्राव के साथ-साथ सांस फूलना, आंखों के आगे अंधेरा छाना या हर समय थकान महसूस होना शरीर में गंभीर आयरन की कमी और एनीमिया की ओर इशारा करता है। अब बात आती है की ऐसे में हमें क्या करना चाहिए तो सबसे पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि लक्षणों की गंभीरता और अवधि को समझें।

यदि कोई भी लक्षण 2-3 साइकिल से अधिक समय तक परेशान करे तो बिना झिझक किसी योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें और ब्लड टेस्ट या पेल्विक अल्ट्रासाउंड कराएं।
