वाहनों के फिटनैस की जांच निजी हाथों में सौंपना दुर्भाग्यपूर्ण : सोई

10/26/2021 10:17:24 PM

चंडीगढ़,  (अर्चना सेठी): राष्ट्रीय सडक़ सुरक्षा परिषद के सदस्य एवं सडक़ सुरक्षा विशेषज्ञ डा. कमल सोई ने हरियाणा में वाहनों को फिटनैस प्रमाण पत्र जारी करने की कमियों पर सवाल खड़े किए हैं। सोई ने कहा कि सरकार की ओर से वाहन निर्माता निजी कंपनियों को फिटनैस प्रमाणपत्र के लिए अधिकृत करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

 

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने वाहनों के फिटनैस के लिए रोहतक में मॉडल फिटनैस सैंटर बनाया था जहां पर पांच जिलों के वाहनों के फिटनैस जांचे जाते हैं। उसी तर्ज पर मुख्यमंत्री ने 6 और फिटनैस सैंटर बनाने की घोषणा की थी लेकिन परिवहन विभाग के अफसरों ने किन्हीं कारणों से उक्त आदेश की पालना करने के बजाय वाहन निर्माता कंपनियों को ही फिटनैस के लिए अधिकृत कर दिया। सोई ने कहा कि यह प्रयोग दो वर्ष पहले राजस्थान की सरकार ने भी किया था जो पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुआ और उसमें सी.बी.आई. जांच भी चल रही है।

 


चंडीगढ़ प्रैस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में सोई ने कहा कि उनका मकसद लोगों की ङ्क्षजदगी को बचाना है। निजी हाथों में फिटनैस का काम जाने से जहां फिटनैस की विश्वसनीयता कम होगी तो वहीं वाहन मालिकों को भी मोटी चपत लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री को पत्र लिखने के साथ ही परिवहन विभाग की प्रमुख सचिव को शिकायत दे चुके हैं जहां से उन्हें आश्वासन भी दिया गया है। सोई ने कहा कि यदि सरकार ने अपना फैसला शीघ्र वापस नहीं लिया तो वह हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने कहा कि सडक़ सुरक्षा विशेषज्ञ के रूप में वर्तमान में मेरी प्रमुख ङ्क्षचता यह है कि सडक़ों पर अनुपयुक्त मोटर वाहनों का चलना हाल के समय में होने वाली सडक़ दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में से एक है। सडक़ सुरक्षा के लिए एक बहुत ही गंभीर ङ्क्षचता का विषय है क्योंकि इससे हमारे प्यारे देश की सडक़ों पर समझौता किए गए अनुपयुक्त वाहनों को चलने देकर आम जनता के जीवन को खतरे में डाल दिया जाएगा।’

 


23 जून को प्रदेश भर के आर.टी.ओ. को जारी किया गया आदेश :
सोई ने कहा कि परिवहन आयुक्त द्वारा जारी 23 जून, 2021 को राज्य भर के सभी डी.टी.ओ. और आर.टी.ए. को निर्देश दिया गया था कि वे ओ.ई.एम. के डीलरों को वाहनों की फिटनैस का परीक्षण करने के लिए ‘अधिकृत परीक्षण स्टेशनों’ (ऑथोराइज्ड टैङ्क्षस्टग स्टेशन) के रूप में संचालित करने के लिए अधिकृत करें। प्रत्येक अधिकृत परीक्षण स्टेशन उन वाहनों के निर्माण के साल के अनुसार वाहनों को जांचने में सक्षम होगा जिन्हें डीलर अधिकृत डीलर के रूप में बेचता है।


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News Editor

Archna Sethi

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