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मनसा देवी श्राइन बोर्ड ने कब्जे में लिया प्राचीन चंडी माता मंदिर

2020-05-18T10:32:25.217

पिजौर (रावत):माता मनसादेवी श्राइन बोर्ड ने चंडीमंदिर स्थित प्राचीन चंडी माता मौदिर को अपना कब्जे में ले लिया। प्रशासन के अधिकारी रविवार को पुलिस बल के साथ यहां पहुंचे थे। श्राइन बोर्ड के सी.ओ. एम.एस. यादव ने बताया कि 4 अक्तूबर 2018 के तहत श्री चंडी माता मंदिर, गांवचंडीमंदिर श्री माता मनसा देवी श्राइनबोर्डके साथ निहित है पूर्ववर्ती पुजारियों ने राहत के लिए विभिन्न अदालतों में दावा किया, लेकिन किसी भी अदालत ने उन्हें कोई राहत नहीं दी। माता मनसा देवी बोर्ड और राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों की टीम ने बोर्ड के कार्यकारी अधिकारियों द्वारा श्री चंडी माता
मंदिर और मंदिर के लिए खाली जमीन का अधिग्रहण कर लिया है। इस मामले की आखिरी सुनवाई 3 अप्रैल, 2020 को हुई थी।

 
 

पहले पंचायत के नाम थी जमीन 
यादव ने बताया कि 1916 से पहले यह 18 बीघा 7 बिस्वे जमीन पंचायत की थी। परंतु बाद में गांव की पंचायत ने रजामंदी से यह जमीन मंदिर को दी थी। परंतु बाद में वहां पर ज्यादा कजा हो जाने के कारण अब ये जमीन वापस श्राइन बोर्ड के कजे में आ गई है। अभी तो श्राइन बोर्ड ने केवल मंदिर को कजे में लिया है।  लॉकडाउन के चलते अभी बाकी जमीन जिस पर फिलहाल मकान और कमरे बनाकर कजे बने हुए हैं, उनका सर्वे शुरू हो गया है और जल्द ही लॉकडाऊन खुलने के बाद उनको भी खाली करवाया जाएगा। फिलहाल बोर्ड ने कजे में लेने के बाद पूरे मंदिर को सैनीटाइज किया, उसके बाद अब बोर्ड द्वारा सभी अनुष्ठान गतिविधियों की देखरेख की जा रही है। 

 

लॉकडाऊन के कारण श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश बंद
जानकारी के अनुसार रविवार को मंदिर से बोर्ड को 6 चांदी के बड़े छत्र, चांदी की दो अखंड ज्योत, चांदी की 4 आंखों के सैट, 1 चांदी की चरण पादुका, 2 चांदी की तिलक की कटोरी आदि का वजन करके समान बोर्ड ने अपने कजे में लिया है। मंदिर में कजा लेने के बाद बोर्ड के पुजारी पंडित सुभाष चन्द्र शास्त्री द्वारा पूजा करवाई गई।  उन्होंने बताया कि अब माता मनसा देवी, कालका काली माता मंदिर की भांति यहां भी तीनों समय भोग एंवम आरती होगी। फिलहाल लॉकडाऊन के कारण मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश बंद हैं । 


pooja verma

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