देश के पहले एकीकृत मधुमक्खी पालन सेंटर में बनेंगी शहद की मंडी

punjabkesari.in Friday, May 20, 2022 - 07:34 PM (IST)

चंडीगढ़ (अर्चना सेठी): हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री जयप्रकाश दलाल ने मधुमक्‍खी पालन से जुड़े लोगों को सौगात दी है। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों की आय को बढ़ाने और कम खेती वाले किसानों को मधुमक्खी पालन का व्यापार के लिए सरकार ने पहल की है।

 

 

कुरुक्षेत्र के रामनगर में करीब 10 करोड़ 50 लाख की लागत से देश का पहला एकीकृत मधुमक्खी पालन सेंटर स्थापित किया गया है। अब इस मधुमक्खी पालन विकास केंद्र में देश की पहली शहद की मंडी बनाने की योजना है। कृषि मंत्री ने कहा कि इससे मधुमक्खी पालकों को शहद की गुणवत्ता के आधार पर उचित दाम मिल सकेंगे। इतना ही नहीं इस सेंटर में 20 करोड़ रुपए की लागत से एक्सपोर्ट हनी टेस्टिंग लैब बनाने का प्रस्ताव भी है।

 

 

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग मंत्री जेपी दलाल शुक्रवार को कुरुक्षेत्र पहुंचे। गांव रामनगर में आजादी के अमृत महोत्सव को लेकर हरियाणा उद्यान विभाग की तरफ से देश के पहले एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र के सभागार में मधुमक्खी पालन व परागण विषय को लेकर आयोजित 2 दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के उदघाटन सत्र में बोल रहे थे।

 

 

कृषि मंत्री जेपी दलाल ने विश्व मधुमक्खी दिवस पर किसानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र के एकीकृत मधुमक्खी पालन एवं विकास केंद्र में इजरायल से मधुमक्खी पालन विशेषज्ञ और 20 से ज्यादा राज्यों के अधिकारी, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ मधुमक्खी पालन और परागण विषय पर वार्तालाप करने के लिए एक छत के नीचे एकत्रित हुए है। सभी अधिकारी, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ के साथ-साथ सरकार और प्रशासन का एक ही उदेश्य है कि किसानों की आय में इजाफा हो, किसान आत्मनिर्भर बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी एक ही विजन है कि किसान फसल विविधीकरण की तरफ आगे बढ़े और अपनी आय में इजाफा करे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस विजन को कुरुक्षेत्र का एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र साकार कर रहा है।

 

 

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मधुमक्खी पालकों को प्रशिक्षण देने, रोजगार के अवसर मुहैया करवाने तथा मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए कुरुक्षेत्र के रामनगर में देश का पहला मधुमक्खी पालन विकास केंद्र स्थापित किया गया। इसके बाद प्रदेश में कई जगहों पर फल-सब्जियों के एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए गए है और इन सभी सेंटरों में इजरायल देश के साथ तकनीक और शोध को लेकर समझौता भी किया गया है।


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News Editor

Archna Sethi

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