हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने टीबी ग्रस्त 19 बच्चों को गोद लिया

punjabkesari.in Friday, May 13, 2022 - 04:22 PM (IST)

चंडीगढ़, (अर्चना सेठी): टीबी मुक्त भारत के लिए डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज डॉक्टर वीना सिंह की अध्यक्षता में टीबी रोग से ग्रस्त बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया का शुभारंभ हुआ। कम्युनिटी सपोर्ट प्रक्रिया के अंतर्गत गोद लिए बच्चों को सपोर्ट डाइट से लेकर भावात्मक व अन्य जरूरतों के लिए भी सहयोग प्रदान किया जाएगा। गोद लेने का समय मरीज के इलाज खत्म होने व 1 वर्ष तक रहेगा  एक माह का सपोर्टिव डाइट का खर्च 300 से 500 रुपए रहेगा।

 

इस अवसर पर डॉ वीणा सिंह डीजीएचएस हरियाणा ने यह भी बताया कि इसकी शुरुआत राज्य स्तर से हो रही है और प्रसन्नता है कि विभाग के डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्टर मेडिकल ऑफिसर व अन्य कर्मचारी इस सपोर्ट के लिए आगे आए और 19 टीबी ग्रस्त बच्चों को गोद लिया है। गोद लेने की प्रक्रिया से मरीजों के प्रति भेदभाव की भावना भी खत्म होगी तथा परिवार व समाज की हीन भावना नहीं प्यार वह अपनापन मिलेगा। राज्य क्षय रोग अधिकारी डॉ राजेश राजू ने बताया कि जिले स्तर पर भी यह कार्यक्रम चलाया जाएगा और मंत्रियों और सांसदों के अलावा कॉरपोरेट सेक्टर और एनजीओ आदि भी इन मरीजों को गोद ले सकते हैं। कम्युनिटी सपोर्ट प्रदान करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने टीबी मुक्त भारत 2025 में अपना सहयोग दे सकते हैं। मंत्री व सांसद अपने जिले के पूरे पूरे ब्लॉक के मरीजों को भी गोद ले सकते हैं तथा इस राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभा सकते हैं।

 

कार्यक्रम के अंत में डॉक्टर दहिया ने बताया कि इस कार्यक्रम के लागू होने से एनडीईपी के अतिरिक्त अन्य संगठनों की भागीदारी बढ़ेगी और टीबी की जानकारी जन-जन तक पहुंचेगी, भेदभाव कम होगा, पोषण बेहतर होगा और इलाज खत्म होने पर परिणाम भी बेहतर मिलेंगे तथा मरीजों व परिवारों का खर्च भी कम होगा। इस कार्यक्रम में डीएचएस डॉक्टर जेएस पुनिया, डॉक्टर दहिया, डॉ ज्योति कौशल, डॉक्टर अनिल वर्मा, डॉक्टर सुषमा, डॉक्टर वर्षा, डॉक्टर श्यामली, डॉक्टर परमिंदर, दिलबाग सिंह, डॉक्टर रीटा कालरा, सरिता नरयाल, आईईसी ऑफिसर व राज्य टीबी सेल हरियाणा के कर्मचारी भी मौजूद रहे।


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News Editor

Archna Sethi

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