स्वास्थ्य की दृष्टि से पूरेे हरियाणा की मैपिंग करवाने का निर्णय

punjabkesari.in Thursday, Feb 17, 2022 - 09:14 PM (IST)

चण्डीगढ़, (अर्चना सेठी): हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री  अनिल विज ने कहा कि स्वास्थ्य की दृष्टि से पूरेे हरियाणा की मैपिंग करवाने का निर्णय लिया गया है ताकि किसी भी जगह पर उनकी आवश्यकतानुसार के स्वास्थ्य सेवाओं को मुहैया करवाया जा सके। उन्होंने कहा कि ‘‘हम स्वास्थ्य विभाग को नंबर एक पर लाएंगें’’। 

 

हिसार जिले के नारनौंद हल्के तथा जींद में पत्रकारों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘‘राज्य की किस जगह पर किस चीज की आवश्यकता हैं, कहां पर अस्पताल की जरूरत है, कहां पर पीएचसी की जरूरत है, कहां पर कितने बैेड का अस्पताल होना चाहिए  और जहां-जहां पर जो जरूरत होगी, उसको पूरा किया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में लगभग 30 प्रतिशत ओपीडी हैं और अस्पतालों में कैथलैब लगाई गई है तथा शेष अस्पतालों में भी लगाने जा रहे हैं। इसके अलावा, पूरे प्रदेश में डायलिसिस सेवा को भी शुरू कर दिया गया है और कुछ शेष जिलों में जल्द ही ये सेवा चालू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में एमआईआर, सीटी स्कैन, अल्ट्रासांउड की मशीनों के साथ-साथ आईसीयू भी बनाए गए हैं तथा वेंटिलेंटर की उपलब्धतता भी हर जिलें में मुहैया करवाई गई है। 

गृह मंत्री ने कहा कि ‘‘मैंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दे रखे हैं कि हर जिले में पब्लिक कमेटियों को गठन किया जाए और ये कमेटियां थाना स्तर व जिला स्तर पर भी बनाई जाए तथा इन कमेटियों की नियमित तौर पर बैठकें आयोजित होनी चाहिए’’। विज ने बताया कि इसके अलावा, प्रत्येक जिले के पुलिस अधीक्षक को आदेश दे रखे हैं कि ड्रग्स, सट्टा, अवैध शराब, जुआ, अनाधिकृत हथियार के मामलों पर पूरी तरह से दबिश दी जाए और इस संबंध में सप्ताह अनुसार उनके पास रिपोर्ट प्रत्येक पुलिस अधीक्षक द्वारा दी जाती है और जो अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं करता हैं तो उसके बारे में पूछा जाता है। 

 

 

हरियाणा में नारकोटिक्स ब्यूरो का गठन-विज

ड्रग्स के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि ‘‘ड्रग्स के कारोबार को समाप्त करने के लिए हम पूरी तरह से लगे हुए हैं और हम इस मुहिम में जरूर कामयाब होंगें’’। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में हरियाणा में नारकोटिक्स ब्यूरो का गठन किया गया है। हिजाब के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि हमने तो कोई मुददा नहीं बनाया है और हम कह रहे हैं कि हर आदमी को क्या भेषभूषा डालनी है, उसका उसको अधिकार है, लेकिन अगर उसने स्कूल, अस्पताल या किसी इण्डट्रीज में जाना है तो वहां के ड्रैस कोड को मानना पडेगा।


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News Editor

Archna Sethi

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