3 साल के विभोर को मिलेगी पीएचडी की डिग्री

punjabkesari.in Sunday, Jun 14, 2015 - 03:07 PM (IST)

गुड़गांव (राशि मनचंदा): गुड़गांव के आर.डी. सिटी में रहने वाले 3 साल के विभोर सिंगला के एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी टैलेंट के लिए उसे वर्ल्ड रिकॉर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से डॉक्टरेट की मानद उपाधि (पीएचडी) से सम्मानित किया जाएगा। यूनिवर्सिटी ने डिग्री देने की कंफ्रमेशन उसके परिजनों को दे दी है।

विभोर न सिर्फ दोनों हाथों से एक साथ लिख सकता है, बल्कि वह टैबलेट, लेपटॉप व टच पेड को भी बेहतरीन तरीके से ऑपरेट करता है। उसे स्पैनिश, रोमन, हिंदी व अंग्रेजी में 1000 तक काउंटिंग भी आती है। उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड व एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है। तीन की उम्र में भी विभोर दूसरी क्लास तक की किताबों को आराम से पढ़ लेता है और लिखने में सक्षम है।

विभोर की मां ईशा ने बताया कि विभोर का जन्म 24 अप्रैल 2012 में हुआ था। उसने 19 माह की उम्र में बोलना शुरू किया और इसके बाद टैबलेट व लेपटॉप उसके पसंदीदा गैजेट्स बन गए। विभोर को 200 से भी ज्यादा ऐप की जानकारी है। उसने सीडी से काउंटिंग, अक्षर ज्ञान और कविताएं आदि रट ली हैं। 6 मिनट 18 सेकंड्स में 20 तक टेबल सुनाने के बाद विभोर का नाम 10 जनवरी को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया गया।

ईशा बताती हैं कि उन्होंने उसका एडमिशन एक प्रीपेटरी स्कूल में कराया था। इसमें उसकी मैडम ने उसे ए लिखने को कहा तो उसने ए से बनने वाले करीब 10 वर्ड लिख दिए। मैडम ने उन्हें बुलाया और उसे उनके पास न पढ़ाने को कहा। विभोर के माता-पिता दोनों ही कंप्यूटर इंजीनियर हैं।

ईशा बताती हैं वह भी जॉब करती थीं। इसलिए घर पर आने के बाद वह जब कोई काम कर रही होती थीं तो विभोर को टैबलेट सौंप देती थीं, ताकि वह उन्हें डिस्टर्ब न करे। यहीं से विभोर ने टैबलेट को ऑपरेट करना सीख लिया। विभोर के नाना देवेंद्र बंसल स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में सीनियर मैनेजर हैं। वे कहते हैं कि बच्चा शरारत नहीं करता और उसकी पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा उन्हें कई बार चिंता में भी डालती है।


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