बिना किसी चार्ज के भी करोड़ों रुपए कैसे कमा लेते हैं पेमेंट ऐप्स, जानिए कैसे होती है कमाई
punjabkesari.in Saturday, Aug 30, 2025 - 11:16 AM (IST)

गैजेट डेस्क: आज के समय में हर कोई मोबाइल से पेमेंट करने लगा है। चाहे चायवाले को पैसे देने हों या मॉल में शॉपिंग करनी हो अब लोग Google Pay, PhonePe, Paytm जैसे डिजिटल पेमेंट ऐप्स का इस्तेमाल करते दिख जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये ऐप्स हमसे कोई ट्रांजैक्शन फीस नहीं लेते फिर भी ये हजारों करोड़ की कमाई कैसे कर लेते हैं? अगर आपको लगता है कि ये ऐप्स केवल सुविधा के लिए बने हैं तो आप गलत हैं। इनके पीछे एक मजबूत और स्मार्ट बिजनेस मॉडल होता है जिससे ये कंपनियाँ बड़ा मुनाफा कमाती हैं। आइए समझते हैं कि ये पेमेंट ऐप्स कैसे पैसे कमाते हैं...
1. मर्चेंट से कमीशन लेकर कमाई
जब आप किसी दुकान, रेस्टोरेंट या ऑनलाइन वेबसाइट पर पेमेंट करते हैं तो पेमेंट ऐप उस बिजनेस से छोटा-सा कमीशन लेता है। इसे Merchant Discount Rate (MDR) कहते हैं। उदाहरण से समझे तो अगर किसी मर्चेंट या दुकानदार ने 1 लाख रुपए का पेमेंट ऐप के जरिए कमाया तो ऐप को 0.5% से 2% तक कमीशन मिल सकता है। ध्यान देने वाली बात ये है कि आम व्यक्ति (P2P - Person to Person) लेनदेन पर कोई चार्ज नहीं होता है लेकिन मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर कुछ कैटेगरी में चार्ज लिया जाता है, जिससे बड़ी कमाई होती है।
2. बीमा और फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की बिक्री से भी होती है कमाई
आजकल PhonePe, Paytm और अन्य ऐप्स पर आपको हेल्थ इंश्योरेंस, एक्सीडेंट कवर, गोल्ड इन्वेस्टमेंट, म्यूचुअल फंड और लोन जैसी सेवाएं दिखती हैं। दरअसल ये ऐप्स इन सेवाओं को बैंक या बीमा कंपनियों के साथ पार्टनरशिप में बेचते हैं और हर एक बिक्री पर कमीशन कमाते हैं। उदाहरण से समझे तो मान लिजिए आपने किसी ऐप से ₹500 का इंश्योरेंस लिया तो उसमें से 50 से 100 रुपए ऐप को कमीशन के रूप में मिल सकता है।
3. डेटा से भी होती है मोटी कमाई
ये ऐप्स हमारे ट्रांजैक्शन से जुड़ी बहुत सारी जानकारी रखते हैं जैसे हम कहां पर खर्च करते हैं, कितनी बार खर्च करते हैं और किन सर्विसेस पर करते हैं। लेकिन ये ऐप्स आपकी निजी जानकारी नहीं बेचते लेकिन ये डेटा को anonymized (गोपनीय रूप में) इस्तेमाल करके बड़ी कंपनियों को बिजनेस इनसाइट्स देने में मदद करते हैं। इसके बदले ऐप्स को पैसे मिलते हैं। उदाहरण के लिए कोई ABCD कंपनी जानना चाहती है कि छोटे शहरों में सबसे ज्यादा कौन-सी चीज खरीदी जा रही है ऐप उसे ये ट्रेंड दिखा सकता है।
4. ऑफर और प्रमोशन से कमाई
आपने देखा होगा कि कई बार किसी खास ब्रांड पर पेमेंट करने पर 20-50 रुपए का कैशबैक मिल जाता है। दरअसल ये प्रमोशन ब्रांड की ओर से स्पॉन्सर किए जाते हैं और पेमेंट ऐप्स को इसके लिए प्रमोशनल फीस मिलती है। उदाहरण से समझे तो मान लें XYZ ब्रांड चाहता है कि ज्यादा लोग उसका सामान खरीदें, तो वह Google Pay को 10 लाख रुपए देता है कि वह अपने यूजर्स को कैशबैक देकर उस ब्रांड की बिक्री बढ़ाए।
5. UPI ऑटोपे और सब्सक्रिप्शन सर्विसेस
बहुत सारे ऐप्स अब सब्सक्रिप्शन और ऑटोमैटिक पेमेंट की सुविधा देने लगे हैं। जैसे OTT प्लेटफॉर्म, म्यूजिक ऐप्स, बिजली या मोबाइल बिल का ऑटो पेमेंट। हर बार जब यूजर ऐसे किसी सर्विस को लेते हैं तो पेमेंट ऐप्स को वो कंपनी कमिशन देती है।
6. लोन देने से भी होता है कमाई
Paytm और PhonePe जैसे कई ऐप्स अब लोन की सुविधा भी देने लगे हैं। लेकिन ये ऐप्स खुद लोन नहीं देते, बल्कि किसी बैंक या NBFC के साथ मिलकर लोन उपलब्ध कराते हैं। जब कोई यूजर ऐप के जरिए लोन लेता है तो पेमेंट ऐप को ब्याज से एक हिस्सा या फीस के रूप में कमीशन मिलता है। उदाहरण के लिए मान ले किसी को ₹50,000 का पर्सनल लोन दिया गया जिस पर ₹5000 ब्याज लिया गया इसमें से ₹500 से ₹1000 ऐप को मिलता है।
7. जितनी बड़ी संख्या में यूज़र्स उतना ही विज्ञापन
इन ऐप्स के पास करोड़ों यूजर्स होते हैं जिससे ब्रांड्स इन्हें विज्ञापन प्लेटफॉर्म की तरह भी इस्तेमाल करते हैं। ऐप में दिखने वाले छोटे-बड़े बैनर, गेम्स, ऑफर कॉन्टेस्ट ये सब विज्ञापन के जरिए पैसे कमाते हैं।
8. इंवेस्टमेंट और बैंकिंग सर्विसेस
कुछ पेमेंट ऐप्स अब खुद की पेमेंट बैंक या wallet services भी चलाते हैं, जिनमें यूजर का पैसा रखा जाता है। उस पैसे से भी ऐप्स ब्याज कमा सकते हैं क्योंकि वे उस पैसे को बैंकों या सरकारी बॉन्ड्स में निवेश करते हैं।