93 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए दिग्गज लेखक वेद राही, साहित्य जगत में शोक की लहर
punjabkesari.in Monday, Nov 02, 2026 - 04:01 PM (IST)
Ved Rahi Passes Away : डोगरी भाषा के प्रख्यात लेखक, विचारक और फिल्म निर्माता वेद राही का 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे अपने पीछे एक समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत छोड़ गए हैं। साहित्य अकादमी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है और भारतीय साहित्य में उनके अमूल्य योगदान को नमन किया है। एक शोक संदेश में, साहित्य अकादमी ने वेद राही को आधुनिक डोगरी साहित्य की एक विशिष्ट हस्ती बताया, जिनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी।
अकादमी ने कहा, "साहित्य अकादमी डोगरी भाषा के प्रख्यात लेखक, विचारक और फिल्म निर्माता वेद राही जी के निधन पर शोक व्यक्त करती है। वे आधुनिक डोगरी साहित्य की एक विशिष्ट हस्ती थे। उन्हें 1983 में उनके कहानी संग्रह 'आले' (Aale) के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा, उन्हें साहित्य अकादमी की 'फेलोशिप' (महत्तर सदस्यता) भी मिली थी, जो अकादमी का सर्वोच्च सम्मान है। भारतीय साहित्य में उनके अमूल्य योगदान को पीढ़ियों तक याद रखा जाएगा। साहित्य अकादमी अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करती है। ओम शांति।
अकादमी द्वारा जारी शोक संदेश के अनुसार, राही उन प्रमुख साहित्यकारों में से थे जिन्होंने अपनी कहानियों, उपन्यासों और कविताओं के माध्यम से डोगरी साहित्य को समृद्ध किया।
उनके डोगरी कहानी संग्रह 'आले' को 1983 में साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला था। हाल ही में उन्हें साहित्य अकादमी की 'फेलोशिप' से भी सम्मानित किया गया था, जिसे 'महत्तर सदस्यता' कहा जाता है और यह अकादमी का सर्वोच्च सम्मान है। अकादमी ने इस बात पर भी जोर दिया कि उनके निधन से भारतीय साहित्य, हिंदी सिनेमा और जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक धरोहर को एक बड़ी क्षति पहुंची है।
अपनी श्रद्धांजलि में, साहित्य अकादमी के सचिव डॉ. वरुण गुलाटी ने लिखा, “उनके निधन से भारतीय साहित्य, हिंदी सिनेमा और जम्मू-कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत को अपूरणीय क्षति हुई है।” साहित्य अकादमी समस्त साहित्य जगत की ओर से उनके निधन पर विनम्र श्रद्धांजली निवेदित करती है। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवारजनों को ये दुख सहन करने की शक्ति दे। ओम शांति। डोगरी साहित्य और भारतीय सिनेमा में वेद राही का योगदान देश की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
