Tum Mere Ho Review: रोमांस और ड्रामे के बीच कैसी है गुरमीत चौधरी की फिल्म?
punjabkesari.in Friday, Oct 23, 2026 - 04:24 PM (IST)
फिल्म: तुम मेरे हो (Tum Mere Ho)
कलाकार: गुरमीत चौधरी (Gurmeet Choudhary), ईशा मालवीय (Isha Malviya), रोमांच मेहता (Romanch Mehta), विकास वर्मा (Vikas Verma), अनुष्का लुहार (Anushka Luhar)
निर्देशक: आशीष पांडा (ashish panda)
रेटिंग: 3*
Tum Mere Ho: टीवी के दो पॉपुलर कलाकार अब बड़े पर्दे पर अपने अभिनय को लेकर दर्शकों के बीच आ चुके हैं। गुरमीत चौधरी और ईशा मालवीय पहली बार एक साथ रोमांटिक अंदाज में लेकर आए हैं। आशीष पांडा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रोमांस और इमोशंस के साथ ड्रामा भी देखने को मिलता है। ऐसे में सवाल है कि क्या गुरमीत और ईशा की केमिस्ट्री इस प्रेम कहानी को दिलचस्प बनाती है या फिर कहानी की कुछ कमजोरियां इसका असर कम कर देती हैं? आइए, जानते हैं फिल्म की कहानी, अभिनय और निर्देशन कैसा है।
कहानी
फिल्म की कहानी आकाश (गुरमीत चौधरी) से शुरू होती है, जो थाईलैंड में रहता है। गर्लफ्रेंड निशा (अनुष्का लुहार) से मिले धोखे के बाद वह भारत लौट आता है। यहां उसकी मुलाकात तमन्ना (ईशा मालवीय) से होती है। तमन्ना भी अपनी निजी जिंदगी में मुश्किल दौर से गुजर रही है, क्योंकि उसका प्रेमी साहिल (शान आर ग्रोवर) उससे दूर हो चुका है।
कहानी में नया मोड़ तब आता है, जब तमन्ना को अपनी नानी की प्रॉपर्टी पाने के लिए एक साल तक शादीशुदा जिंदगी निभाने की शर्त पूरी करनी होती है। इस मजबूरी के चलते आकाश और तमन्ना शादी करने का फैसला लेते हैं। शुरुआत में दोनों का रिश्ता प्यार के बजाय जरूरत पर टिका होता है, लेकिन साथ रहते हुए उनके बीच नजदीकियां बढ़ने लगती हैं। हालांकि, पुराने रिश्तों की वापसी और बदले की भावना उनकी जिंदगी में नई परेशानियां खड़ी कर देती हैं। अब इस बीच क्या क्या होगा ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
अभिनय
गुरमीत चौधरी ने आकाश के किरदार को सहजता के साथ निभाया है। खासकर, जब उनका किरदार प्यार में मिले धोखे और अपने भीतर चल रही इमोशनल उथल-पुथल से गुजरता है, तब उनका अभिनय बेहतर नजर आता है।
वहीं, ईशा मालवीय तमन्ना के किरदार में अपनी चुलबुली अदाओं और सहज अंदाज से ध्यान खींचती हैं। उनके किरदार में रोमांस के साथ भावनात्मक उलझनें भी हैं, जिन्हें वह ठीक तरह से पर्दे पर उतारती हैं।
अनुष्का लुहार और शान आर ग्रोवर को कहानी में अपने किरदारों के जरिए जगह मिलती है, लेकिन मुख्य जोड़ी के मुकाबले उनके किरदारों को ज्यादा विस्तार नहीं दिया गया है।

निर्देशन
आशीष पांडा ने ‘तुम मेरे हो’ के जरिए एक ऐसी प्रेम कहानी पेश करने की कोशिश की है, जिसमें पारंपरिक रोमांस को आज के रिश्तों और उनकी जटिलताओं के साथ जोड़ा गया है। फिल्म का पहला हिस्सा हल्के-फुल्के पलों और किरदारों के बीच विकसित होते रिश्ते पर ध्यान देता है। वहीं, दूसरे हाफ में कहानी तेजी से आगे बढ़ती है और ड्रामा बढ़ने लगता है।
निर्देशक ने रोमांस, भावनाओं और एक्शन को एक साथ पिरोने का प्रयास किया है। हालांकि, कहानी में आने वाले कुछ मोड़ अनुमान के मुताबिक लगते हैं। फिल्म की खूबसूरत लोकेशन और आकर्षक विजुअल्स इसकी प्रस्तुति को बेहतर बनाते हैं।
