Toxic Review: यश का दमदार अंदाज, जबरदस्त एक्शन और रिश्तों की कहानी ने जीता दिल

punjabkesari.in Wednesday, Aug 26, 2026 - 12:37 PM (IST)

फिल्म- टॉक्सिकः ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स (Toxic)
स्टारकास्ट- यश (Yash), कियारा आडवाणी (Kiara Advani) , नयनतारा (Nayanthara), हुमा कुरैशी (Huma Qureshi), तारा सुतारिया (Tara Sutaria), रुक्मिणी वसंत (Rukmini Vasanth)
डायरेक्टर- गीतू मोहनदास (Geetu Mohandas) 
रेटिंग- 3.5*

 

Toxic: भारतीय सिनेमा में गैंगस्टर और एक्शन फिल्मों की कहानी दर्शकों के लिए नई नहीं है, लेकिन यश स्टारर ‘टॉक्सिक’ इस जॉनर को एक अलग नजरिए के साथ पेश करती है। फिल्म में अपराध, बदला और सत्ता की लड़ाई के साथ-साथ परिवार, प्यार, रिश्तों और अपनों के लिए संघर्ष को भी कहानी का अहम हिस्सा बनाया गया है। निर्देशक गीतू मोहनदास ने फिल्म को बड़े विजुअल स्केल और स्टाइलिश ट्रीटमेंट के साथ पर्दे पर उतारा है। अब ‘टॉक्सिक’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, ऐसे में आइए जानते हैं कि यश की यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।

कहानी
कहानी की शुरुआत राया से होती है जो अपराध की दुनिया में अपनी अलग पहचान और दबदबा बनाए हुए है। उसके लिए ताकत, पैसा और वफादारी बेहद मायने रखते हैं। लेकिन कहानी जब उसके बेटे टिकट की जिंदगी की तरफ बढ़ती है तो राया के परिवार और उसके रिश्तों की दूसरी तस्वीर सामने आती है। टिकट की कहानी के साथ फिल्म सिर्फ क्राइम वर्ल्ड की कहानी नहीं रह जाती, बल्कि इसमें प्यार, परिवार और अपनों को बचाने की जंग भी शामिल हो जाती है। गंगा, नादिया और दूसरे किरदार कहानी को भावनात्मक आधार देते हैं। फिल्म की कहानी इंटरवल के बाद और भी ज्यादा आक्रामक हो जाती है और एक्शन का स्तर भी बढ़ जाता है। कहानी में आने वाले ट्विस्ट और क्लाइमैक्स जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी।

एक्टिंग
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत यश हैं। डबल रोल में उन्होंने राया और टिकट को एक-दूसरे से काफी अलग रखा है। राया के किरदार में उनका आक्रामक अंदाज, आत्मविश्वास और गैंगस्टर वाली ठसक देखने को मिलती है, जबकि टिकट के किरदार में उनका संवेदनशील पक्ष सामने आता है। दोनों किरदारों की बॉडी लैंग्वेज और स्क्रीन प्रेजेंस में फर्क साफ नजर आता है। नयनतारा गंगा के किरदार में भावनात्मक गहराई लेकर आती हैं, जबकि कियारा आडवाणी नादिया के रूप में मासूमियत और संवेदनशीलता दिखाती हैं। हुमा कुरेशी के किरदार में अपनी मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस से प्रभावित करती हैं। वहीं रुक्मिणी वसंत मेलिसा के किरदार में बिना ज्यादा शोर किए अपनी छाप छोड़ती हैं। तारा सुतारिया, अक्षय ओबेरॉय, डैरेल डी’सिल्वा और सुदेव नायर भी अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय किया है।

डायरेक्शन
फिल्म टॉक्सिक का डायरेक्शन गीतू मोहनदास ने किया है। फिल्म का डायरेक्शन काफी अच्छा किया है।  गीतू मोहनदास ने टॉक्सिक को सिर्फ एक मसाला एक्शन फिल्म बनाने के बजाय रिश्तों, परिवार और भावनाओं से जोड़ने की सफल कोशिश की है। बड़े विजुअल स्केल, शानदार सेट पीसेज और दमदार एक्शन सीक्वेंस फिल्म को सिनेमाई अनुभव बनाते हैं, जबकि कहानी अंत तक दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखती है। हालांकि 3 घंटे 14 मिनट की लंबी अवधि और शुरुआती हिस्से की धीमी रफ्तार कुछ जगह खटकती है, लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म मजबूत पकड़ बना लेती है। कुल मिलाकर, टॉक्सिक एक फुल एक्शन-पैक्ड एंटरटेनर है जिसे बड़े पर्दे पर एक बार जरूर देखा जा सकता है।


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Content Editor

Manisha