सिकंदर में जिस हिसाब से रोमांस और एक्शन पिरोया गया है वो बहुत अलग है - सलमान खान
punjabkesari.in Friday, Mar 28, 2025 - 11:14 AM (IST)

मुंबई। सलमान खान अपने फैंस के लिए ईद के मौके पर हमेशा से ही कुछ ख़ास लेकर आते रहे हैं यही वजह है कि फैंस हर ईद पर भाईजान के तोहफे के इंतज़ार में रहते है , इस ईद पर सलमान खान फैंस के लिए लेकर आ रहें हैं 'सिकंदर' जिसके ट्रेलर ने लोगों की एक्ससिटेमेंट को और ज़्यादा बढ़ा दिया है। फिल्म में सलमान का दमदार अंदाज़ एक बार फिर दिखेगा वहीं सिकंदर में सलमान खान पहली बार रश्मिका मंदाना के साथ स्क्रीन शेयर कर रहे हैं और इस फिल्म को डायरेक्टर किया है एआर मुरुगादास।
इसी के चलते सलमान खान ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी, और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश:
1 - सिकंदर ने कहा था कि 'मुकदर ने मुझे सिकंदर नहीं बनाया था , अपनी हाथों की लकीरों को तराश के मैं सिकंदर बना' , आप भी एक सेल्फ मेड एक्टर हैं तो आप इस बात को कैसे देखते हैं ?
इस प्लेनेट पर कोई सेल्फ मेड नहीं है ये सब टीम वर्क है। मान लीजिये मेरे फादर इंदौर से यहां पर नहीं आते तो मैं वहां पर खेतीबाड़ी कर रहा होता। ये उनका फैसला था। मेरे दादा जी हिंदुस्तान के सबसे बड़े कलाकार थे तो जब मेरे पिता इंदौर से यहां आए बदौलत मेरे पिता को काम मिला। वो डायरेक्टर थे, प्रोडूसर थे , एक्टर थे बहुत बड़े , उन्होंने बहुत सारा थिएटर भी किया था। तो मेरे दादा जी की वजह से मेरे पिता जी को ब्रेक मिला था।
2 - मुरुगादास की कहानियों में एक अलग बात होती है , आपको सिकंदर में क्या सबसे ख़ास लगा ?
इसका इमोशनल ग्राफ मुझे बहुत अच्छा लगा। जिस हिसाब से उन्होंने रोमांस और एक्शन पिरोया गया है वो भी मुझे बहुत अच्छा लगा। इस फिल्म में एक मैसेज भी आ रहा है और एक अच्छाई भी हो रही है। एकदम अलग और अच्छी कहानी है इसकी।
3 - जब आप किसी नए एक्टर या डायरेक्टर के साथ काम करते हैं तो वो आपके हिसाब से काम करते हैं या आप उनके ?
देखो अभी इस हीरोइन रश्मिका के ऊपर बात हुई है , मुझे लगता है कि जो नयी लड़कियां आती हैं अगर मैं उनके साथ काम करता हूँ तो क्यूंकि वो मेरे साथ काम करके बड़ी एक्ट्रेस बनना चाहती हैं , तो बीच में बात उम्र की आ जाती है तो इससे तो उन्हें ही नुकसान हो रहा है ना। अब अगर मुझे अनन्या या जाह्नवी के साथ काम करना है तो मुझे 10 बार सोचना पड़ेगा। लेकिन 10 बार सोच कर भी मैं करूँगा।
4 - आज भी 90s के एक्टर्स की इंडस्ट्री को चला रहे हैं , आपको क्या लगता है कि कहां कमी आ रही है कि आज की जनरेशन में कोई स्टार नहीं बन पा रहा।
मुझे लगता है कि बजट के एंगल से हम गलत जा रहे हैं , एक बार बजट अगर हमारे कंट्रोल में आ जाता है तो सब कुछ ठीक हो जाएगा। आज कल वैसे भी कॉम्पिटिशन बहुत हो रहा है , डायरेक्टर डायरेक्टर को और प्रोडूसर प्रोडूसर को दिखाने के पीछे पड़ा है। लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए आपको आपस में नहीं ऑडियंस को दिखाना है। आपको इस तरीके से लिखनी है फिल्म कि ऑडियंस को पसंद आए उससे भी जरूरी ऑडियंस को समझ आए। हमारे डायरेक्टर प्रोड्यूसर कहीं ना कहीं गलती कर रहे हैं। मेरे पिता कहते हैं कि हम कई बार बिना सही रीज़न के फ़िल्में बनाते हैं एक्टर की डेट्स , उनकी शादी उनकी प्रेगनेंसी को देखकर फ़िल्में नहीं बल्कि अच्छी स्क्रिप्ट को देखकर फ़िल्में बननी चाहिए। आजकल एक्टर्स भी काफी इंस्क्योर हो गए हैं। आजकल 2 एक्टर्स साथ फिल्म में काम नहीं करते लेकिन हमने बहुत किया है।
5 - क्या ये बात सच है कि फिल्म करने के बाद आप प्रेशर खुद पर नहीं लेते बल्कि विश्वास है आपको अपनी ऑडियंस और गॉड पर ?
हाँ बस उन्हीं पर छोड़ देता हूँ। जितनी मेहनत करनी थी कर ली अब भी मेहनत कर ही रहे हैं।
6 - सिकंदर में काफी एक्शन है जो ऑडियंस को पसंद आ रहा है आगे का क्या प्लान है ?
इस एक्शन के लिए मेहनत भी बहुत की है लेकिन इसके बाद जो फिल्म मैं करने जा रहा हूँ वो नेक्स्ट लेवल एक्शन होगी। जो अब तक देखा नहीं होगा।