छठ पूजा और लोककथाओं से सजी ‘द वन’, TVF की पहली थिएटर फिल्म ने बनाया खास मुकाम
punjabkesari.in Tuesday, Oct 13, 2026 - 03:41 PM (IST)
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। TVF ने डिजिटल दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने के बाद अब बड़े पर्दे पर भी अपनी कहानी कहने की ताकत दिखाई है। सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया स्टारर फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ अपनी अनोखी कहानी और बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन को लेकर चर्चा में है। लोककथाओं, रहस्य और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी यह फैंटेसी थ्रिलर दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाती है, जो आम फिल्मों से अलग नजर आती है।
अरुणाभ कुमार की लिखी और दीपक कुमार के निर्देशन में बनी यह फिल्म 25 सितंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। शोभा कपूर, एकता आर. कपूर, अरुणाभ कुमार और नीरज कोठारी ने बालाजी मोशन पिक्चर्स और TVF मोशन पिक्चर्स के बैनर तले इसका निर्माण किया है। फिल्म की कहानी में लोककथाओं और पुरखों की विरासत से जुड़े रहस्यों को जगह दी गई है। इसके जरिए दर्शकों को एक अलग तरह का सिनेमाई अनुभव देने की कोशिश की गई है।
छठ पूजा और भारतीय लोक-संस्कृति की झलक
‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ की खासियत सिर्फ इसका फैंटेसी और थ्रिलर वाला अंदाज नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति से इसका जुड़ाव भी है। फिल्म में उत्तर प्रदेश और बिहार सहित देश के कई हिस्सों में गहरी आस्था के साथ मनाए जाने वाले छठ पूजा पर्व को भावनात्मक तरीके से दिखाया गया है। इस परंपरा को कहानी का हिस्सा बनाकर फिल्म ने स्थानीय संस्कृति और लोगों की भावनाओं को पर्दे पर उतारने की कोशिश की है।
TVF लंबे समय से अपनी कहानियों में आम लोगों की जिंदगी, उनके रिश्तों और रोजमर्रा के अनुभवों को जगह देने के लिए जाना जाता है। इस फिल्म के जरिए उसी अंदाज को सिनेमाघरों तक पहुंचाया गया है। डिजिटल कंटेंट की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाने के बाद TVF की यह पहली थिएटर फिल्म है, जो उसके लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।
बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का शानदार प्रदर्शन
फिल्म की चर्चा की एक बड़ी वजह इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन भी है। ऐसे समय में जब सीक्वल, रीमेक और पहले से स्थापित फ्रेंचाइजी पर काफी भरोसा किया जाता है, ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ जैसी ओरिजिनल कहानी वाली फिल्म का प्रदर्शन खास माना जा रहा है।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर करीब 69.96 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है। वहीं, इसका वर्ल्डवाइड कलेक्शन 90.42 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि अपनी अलग कहानी और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के दम पर फिल्म ने दर्शकों का ध्यान खींचा है। हालांकि, बॉक्स ऑफिस के इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
TVF ने अपनी सबसे बड़ी ताकत पर जताया भरोसा
बड़े स्टूडियो अक्सर उन कहानियों और किरदारों पर दांव लगाते हैं, जिन्हें दर्शक पहले से जानते हैं। इसके उलट, TVF ने ऐसी कहानी को बड़े पर्दे पर लाने का फैसला किया, जिसकी खासियत भारतीय लोक-संस्कृति, परंपराओं और भावनाओं में छिपी है।
फिल्म की कामयाबी को इसी नजरिए से देखा जा रहा है। यह दर्शाती है कि भारतीय दर्शकों के बीच नई और मौलिक कहानियों के लिए भी जगह मौजूद है। अगर कहानी दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव बना पाती है, तो उसे पसंद किए जाने की संभावना बढ़ जाती है।
क्या ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ बदल सकती है फिल्ममेकिंग का नजरिया?
TVF ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आम भारतीयों की कहानियों को नए अंदाज में पेश करके अपनी पहचान बनाई है। अब ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ के जरिए उसी सोच को थिएटर तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। लोककथाओं, सांस्कृतिक विरासत और भावनाओं को फैंटेसी थ्रिलर के साथ जोड़ना फिल्म को एक अलग पहचान देता है।
फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन ओरिजिनल कहानियों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। हालांकि, इसे फिल्म इंडस्ट्री के नियम बदलने वाला उदाहरण कहना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन TVF के थिएटर में कदम रखने और अपनी कहानी कहने के अंदाज को बड़े पर्दे पर आजमाने के लिहाज से यह फिल्म जरूर अहम है।
