एक्ट्रेस Tanushree Dutta का बॉलीवुड दिग्गजों पर फूटा गुस्सा, बोलीं- बुजुर्ग समझकर मदद की, लेकिन मेरा करियर बर्बाद कर दिया...
punjabkesari.in Tuesday, Aug 25, 2026 - 02:01 PM (IST)
Tanushree Dutta : बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता भले ही लंबे समय से फिल्मों से दूर हैं लेकिन सोशल मीडिया के जरिए वह लगातार अपने फैंस से जुड़ी रहती हैं। हाल ही में वह अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में आई थीं। एक्ट्रेस ने एक पोस्ट में बताया था कि एक 90 वर्षीय साधक ने भविष्यवाणी की है कि वह दिसंबर में शादी करेंगी और बेटे की मां बनेंगी।
अब तनुश्री एक बार फिर अपने के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चे में हैं। इस बार उन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री के कुछ दिग्गजों पर निशाना साधा है। एक्ट्रेस ने अपने पोस्ट में कहा कि बॉलीवुड में दिग्गज होने का मतलब हमेशा इज्जत नहीं होता। उन्होंने लोगों से अपील की कि सिर्फ किसी की उम्र अधिक होने की वजह से आंख मूंदकर सम्मान न करें बल्कि उसके चरित्र और व्यवहार को भी परखें।
तनुश्री दत्ता का पोस्ट पर लिखा लंबा-चौड़ा नोट
तनुश्री दत्ता ने लिखा कि- "पनौती" का मतलब है अपशकुन या दुर्भाग्य लाने वाला। कुछ लोग जहाँ भी जाते हैं, अपने साथ अपशकुन या दुर्भाग्य लाते हैं। घटिया लोगों को सज़ा मिलनी चाहिए, न कि उन्हें समर्थन या साथ देकर बढ़ावा दिया जाना चाहिए। नेताओं और एडमिनिस्ट्रेटर्स को अपने निजी संबंधों के लिए ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।
महादेव ने मुझे इसी बारे में एक विज़न और सपना दिखाया था! जब आप बहुत गलत लोगों के साथ जुड़ते हैं, तो सही चीज़ें नहीं हो सकतीं। यही वह अपशकुन और दुर्भाग्य है जो बुरे लोगों के साथ जुड़ने से आता है।
जिसका यह आइडिया था, उसने सब कुछ डुबो दिया। प्लीज़ पता लगाइए कि यह सुझाव किसने दिया था। वही देश का दुश्मन है। उस व्यक्ति को पता था कि ऐसा होगा और उसके बाद सारी दुआएँ या आशीर्वाद छिन जाएँगे।
कई साल पहले इस "पनौती" ने मेरे फलते-फूलते करियर को बर्बाद कर दिया था। मुझे भी यही लगा था कि वह एक उम्रदराज़ एक्टर हैं, उन्हें कोई काम नहीं दे रहा है, तो मैं उनकी मदद कर देती हूँ। लेकिन नहीं, बॉलीवुड में "वेटरन" (अनुभवी) का मतलब है शातिर दिमाग वाला मंझा हुआ खिलाड़ी, जिसने हर तरह के दाँव-पेच और चालबाज़ियाँ सीख ली हैं, और जिसे मीडिया और जनता को मैनिपुलेट करना आता है। ताकि वे अपने अपराधों और असली चरित्र को छिपा सकें। "वेटरन" की असली दुनिया में यही परिभाषा है।
उम्र के आधार पर भरोसा न करें
कभी भी किसी व्यक्ति पर सिर्फ़ उसकी उम्र के आधार पर भरोसा न करें। इनमें से कुछ बहुत बुरे और नेगेटिव लोग, जिनकी युवाओं के प्रति बहुत बुरी और खतरनाक नीयत होती है, वे भी वेटरन की श्रेणी में आते हैं। वे युवा और अच्छी स्थिति वाले लोगों से नफ़रत करते हैं और उन्हें बर्बाद करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। बॉलीवुड ने बार-बार यह देखा है। उन्हें आत्मा के रूप में देखें। उम्र, दिखावट या बैकग्राउंड देखने से पहले हर किसी को एक आत्मा के रूप में देखें। यह दुनिया हम जैसे लोगों ने बनाई है और इसे वे लोग बर्बाद करते हैं जो शालीनता का मुखौटा पहने रहते हैं।
आत्माओं और दिव्यता को पहचानें। राक्षस भी "वेटरन" होते हैं!! वे इंसानों से पुराने हैं, हां, राक्षस प्राचीन जीव हैं। इसलिए वे वेटरन बुरे लोग हैं, यानी वे लंबे समय से बुराई कर रहे हैं। कुछ इंसान राक्षस और असुरों के अवतार होते हैं जिनका मकसद मानवता को गुमराह करना होता है। मैंने एक बड़ा सबक सीखा। आज मैं उम्र के हिसाब से नहीं, बल्कि चरित्र के हिसाब से सम्मान देती हूँ।
