जेन ज़ी प्यार को लेकर कन्फ्यूज़ नहीं है- मॉडर्न रिलेशनशिप्स पर सिद्धांत चतुर्वेदी का साफ़ नजरिया
punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 02:34 PM (IST)
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। मॉडर्न रिलेशनशिप्स को लेकर चल रही बहस के बीच अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी ने खुलकर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि जेन ज़ी प्यार में कन्फ्यूज़ नहीं है। साथ ही यह किसी जेनेरेशन का मुद्दा नही है, बल्कि इवोल्यूशन है। सिद्धांत के अनुसार सोशल मीडिया के दौर ने रोमांस के मायने और उसकी अभिव्यक्ति दोनों को बदल दिया है। जो चीज़ें लोगों को भ्रम लगती हैं, दरअसल वह प्यार को समझने और जताने के नए तरीके हैं।
सिद्धांत कहते हैं, “आज हम सोशल मीडिया के युग में जी रहे हैं, और इसने प्यार के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।” सिद्धांत के मुताबिक अब भावनाएं रियल टाइम में सामने आती हैं, लेकिन स्क्रीन के ज़रिए।
पुराने समय को याद करते हुए सिद्धांत कहते हैं, "हमारे समय में भी कन्फ्यूज़न था, लेकिन बिल्कुल अलग स्तर पर। सोशल मीडिया नहीं था, इसलिए हमें अक्सर पता ही नहीं चलता था कि सामने वाला क्या महसूस कर रहा है। सालों बीत जाते थे और हम उनकी भावनाओं से अनजान रहते थे।”
उन्होंने मुस्कुराते हुए याद किया, “हम स्कूल के बाहर खड़े होकर उसकी सिर्फ एक झलक पाने का इंतज़ार करते थे। बस यह उम्मीद रहती थी कि एक बार नजर मिल जाए। नज़र मिल गई तो क्या उसने हमें देखा या नहीं? अगर वो आगे बढ़ गई है तो क्या पलटकर देखेगी? ये छोटे-छोटे पल हमारे लिए सब कुछ होते थे।”
दिलचस्प बात यह है कि सिद्धांत के ये विचार ऐसे समय में सामने आए हैं, जब वह अपनी आगामी रोमांटिक फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ की रिलीज़ की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें वह मृणाल ठाकुर के साथ नजर आएंगे। आज की डेटिंग कल्चर पर बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा, “अब तो प्यार भी सोशल मीडिया से काफी प्रभावित है। लोग जानबूझकर ऐसी स्टोरी डालते हैं, जिनमें वही गाना होता है जो सामने वाले को पसंद है, और फिर इंतज़ार करते हैं कि उसने देखा या लाइक किया या नहीं। आज की डेटिंग में इतने सारे टर्म्स हैं, घोस्टिंग, ब्रेडक्रंबिंग और न जाने क्या-क्या कि आधा समय तो हमें इनके मतलब ही समझ नहीं आते।”
फिलहाल फिल्म का इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए सिद्धांत का नजरिया एक बात साफ करता है कि प्यार उलझा नहीं है, बस वक्त के साथ बदल गया है।
