Raj Thackeray के समर्थकों ने Shweta Tiwari को दी भद्दी गालियां, भड़की एक्ट्रेस, बोलीं- क्या यही मराठी संस्कृति है ?

punjabkesari.in Friday, Aug 21, 2026 - 03:28 PM (IST)

Shweta Tiwari on Raj Thackeray : टीवी एक्ट्रेस श्वेता तिवारी ने सोशल मीडिया पर महिलाओं के साथ होने वाली बदसलूकी के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के समर्थकों से अपमानजनक मैसेज मिले। 'कसौटी ज़िंदगी की' फेम एक्ट्रेस ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई लंबे नोट शेयर किए। इनमें उन्होंने ऑनलाइन महिलाओं के खिलाफ गाली-गलौज की भाषा इस्तेमाल करने को "बेहद चिंताजनक" और "दुर्भाग्य से बहुत आम" बात बताया। 

श्वेता ने सवाल उठाया कि अलग-अलग बैकग्राउंड के पुरुष- जिनमें पढ़े-लिखे और अच्छे परिवारों से आने वाले लोग भी शामिल हैं। महिलाओं के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने में सहज कैसे महसूस कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से कई पुरुषों की अपनी मां, पत्नी, बेटियां और बहनें हैं फिर भी वे ऑनलाइन ऐसी बदसलूकी करते हैं। 

श्वेता ने आरोप लगाया कि उन्हें गाली देने वाले कुछ लोग राज ठाकरे या उनकी पार्टी के समर्थक थे। महाराष्ट्र से अपने जुड़ाव के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी इसी राज्य में बिताई है और हमेशा यही माना है कि मराठी संस्कृति में महिलाओं की गरिमा और ताकत का सम्मान किया जाता है। एक्ट्रेस ने लिखा, "आज मैं एक ऐसी बात पर बात करना चाहती हूं जो सोशल मीडिया पर बहुत चिंताजनक और दुर्भाग्य से बहुत आम है, किसी महिला को 'रैपिस्ट' (बलात्कारी) कहना, कोई भी महिला किसी भी उम्र की, किसी भी पेशे की। किसी भी बैकग्राउंड का कोई भी पुरुष ऑनलाइन आकर किसी महिला को 'रैपिस्ट' कह सकता है। और मुझे हैरानी इस बात से होती है कि ये पुरुष जरूरी नहीं कि अनपढ़ हों या मुश्किल बैकग्राउंड से हों। इनमें से कई पढ़े-लिखे हैं, अच्छे परिवारों से लगते हैं और उनकी अपनी पत्नियां, मां, बेटियां और बहनें हैं। फिर भी, वे किसी दूसरी महिला के लिए सबसे अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करने में पूरी तरह सहज महसूस करते हैं।

एक्ट्रेस ने आगे कहा, "और मैंने सोचा कि किसी दूसरी महिला से इस तरह बात करने के बाद आप उस परिवार के पास घर कैसे जाते हैं ? जाहिर है, वह राज ठाकरे या उनकी पार्टी के समर्थक भी हैं और इससे मुझे एक बहुत निजी बात याद आती है। मैं अपनी पूरी ज़िंदगी महाराष्ट्र में रही हूं। मेरे पिता मुंबई में पले-बढ़े। मैंने हमेशा 'मराठी मानूस' होने के गर्व और सम्मान को देखा है। मैं यह मानते हुए बड़ी हुई कि मराठी संस्कृति महिलाओं, उनकी ताकत और उनके सम्मान का आदर करती है इसलिए जब मैं ऐसे लोगों को देखती हूं जो गर्व से खुद को 'मराठी मानूस' कहते हैं और महिलाओं के DM में आकर उन्हें 'र****' (गाली) कहते हैं, तो मुझे सच में पूछना पड़ता है, क्या 'मराठी मानूस' होने का मतलब यही रह गया है ? 

राज ठाकरे, अगर ऐसे लोग आपके समर्थक हैं, तो मैं सच में जानना चाहती हूं, क्या आपको लगता है कि यह सही व्यवहार है ? क्योंकि मराठी बोलना, खुद को मराठी मानूस कहना या महाराष्ट्र से प्यार का दावा करना ही काफी नहीं है।

श्वेता तिवारी ने अपनी बात खत्म करते हुए लिखा, "क्योंकि कोई महिला सिर्फ़ इसलिए अपना सम्मान नहीं खो देती कि आप उसे नहीं जानते और वह निश्चित रूप से 'र****' कहलाने की हकदार नहीं है, सिर्फ़ इसलिए कि आप उससे असहमत हैं, उसे पसंद नहीं करते या आपको लगता है कि आप उसे गाली दे सकते हैं। महिलाओं का सम्मान करें - सिर्फ़ उन महिलाओं का नहीं जिन्हें आप प्यार करते हैं, बल्कि सभी महिलाओं का।


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Content Editor

Prachi Sharma