महाभारत की द्रौपदी के साथ असल जिंदगी में हुआ था चीरहरण जैसा हादसा, गाड़ी से घसीटकर पटक-पटक पर पीटा था...आज भी वो मंजर भूल नहीं पाती
punjabkesari.in Monday, Jun 01, 2026 - 06:03 PM (IST)
Roopa Ganguly : आज के समय में चाहे जितनी मर्जी महाभारत बन गईं हो लेकिन आज भी हर कोई व्यक्ति उस जमाने की महाभारत को याद करता है। चीरहरण का वो सीन देखकर आज भी हर किसी की आंखें भर आती हैं। द्रौपदी का किरदार निभाने वाली रूपा गांगुली ने हाल ही में कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जिसे सुनकर हर किसी की रूह काँप जाए। उन्होंने बताया कि असल जिंदगी में भी उनके साथ चीरहरण जैसा हादसा हुआ है। साल 2016 में उनके ऊपर बहुत बड़ा हमला हुआ था, जिसने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ कर रख दिया। रूपा गांगुली ने बताया आज भी उस समय को याद करती हूँ तो मेरी रूह काँप जाती है।

पालघर मॉब लिंचिंग ने याद दिला दिए पुराने जख्म
पालघर में हुई मॉब लीचिंग की दर्दनाक घटना के बाद यह मामला एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया था। महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं और उनके ड्राइवर की भीड़ द्वारा की गई हत्या ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। इस घटना पर आम लोगों से लेकर कई फ़िल्मी हस्तियों ने भी गहरा दुःख व्यक्त किया और इसकी कड़ी आलोचना की।
इसी दौरान द्रौपदी का किरदार निभाने वाली रूपा गांगुली ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वर्षों पुरानी एक दर्दनाक घटना को याद किया। पालघर की घटना ने उनके मन में छिपे उन पुराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया, जिनसे वह कभी गुजर चुकी थीं। सोशल मीडिया पर उन्होंने दुःख व्यक्त करते हुए बताया कि इस तरह की घटना उनके जिंदगी के भयानक पलों फिर से कुरेद देती हैं।

18 लोगों ने सड़क पर पीटा था
रूपा गांगुली ने एक बार अपने साथ हुई भयावह घटना का जिक्र करते हुए बताया था कि मई 2016 में वह एक राजनीतिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद कोलकाता लौट रही थीं। इसी समय एक काफिला उनकी गाड़ी के पास आया, ये देखकर वो काफी घबरा गईं। इसके बाद हालात इतने बिगड़ गए की कुछ लोगों ने उन्हें गाड़ी से बाहर निकालकर खूब मारा। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें वाहन से बाहर निकाल लिया और उनके साथ बदसलूकी करते हुए सार्वजनिक रूप से मारपीट की। इतना ही नहीं, हमलावरों ने उनकी गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया। इस अप्रत्याशित हमले ने उन्हें गहरा सदमा पहुंचाया और यह घटना उनके जीवन के सबसे कठिन अनुभवों में से एक बन गई। रूपा गांगुली के मुताबिक, उस दिन जो कुछ हुआ, उसकी यादें आज भी उन्हें विचलित कर देती हैं।

दो बार करना बड़ा ब्रेन हेमरेज का सामना
यह हमला इतना जानलेवा था कि रूपा गांगुली को दो बार 'ब्रेन हेमरेज' का सामना करना पड़ा। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि वो उस समय मरते-मरते बची थीं। रूपा गांगुली ने बताया था कि उन्हें रैली ड्राइविंग का अनुभव रहा है, जिसके कारण संकट की उस घड़ी में भी उन्होंने अपना साहस नहीं खोया। बेहद मुश्किल हालात के बावजूद उन्होंने सूझबूझ और हिम्मत से काम लिया और किसी तरह खुद को सुरक्षित बचाने में सफल रहीं।
उन्होंने जिस तरह उस घटना का सामना किया, वह उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति को दर्शाता है। टीवी स्क्रीन पर द्रौपदी के रूप में अन्याय और अपमान का दर्द झेलने वाली रूपा गांगुली को वास्तविक जीवन में भी एक ऐसी भयावह स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसने समाज में मौजूद हिंसा और व्यवस्था की चुनौतियों का डरावना सच उनके सामने ला दिया। यह घटना उनके जीवन के सबसे कठिन और यादगार अनुभवों में से एक बन गई।
