2 घंटे पहले ही उनसे मिला था... Mushtaq Khan के निधन से टूटे Rajpal Yadav, बॉलीवुड इंडस्ट्री में छाया मातम
punjabkesari.in Friday, Sep 25, 2026 - 11:21 AM (IST)
Rajpal Yadav on Mushtaq Khan : वेलकम, आशिकी, हम हैं राही प्यार के, हेरा फेरी और गदर फ़्रैंचाइजू जैसी फिल्मों में यादगार सपोर्टिंग और कॉमिक रोल निभाने वाले अनुभवी एक्टर मुश्ताक खान का 24 सितंबर को मुंबई में 56 साल की उम्र में निधन हो गया।
उनके निधन की खबर आते ही, हिंदी फिल्म जगत के कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें याद किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। एक्टर राजपाल यादव ने दुख जताते हुए लिखा, "आज दोपहर मैं मुश्ताक भाई से मिलने गया था। मैंने उनसे बात की, उन्होंने मुझे देखा, मुझसे हाथ मिलाया और हम जो भी बातें कर रहे थे, उसे सुन रहे थे और उस पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि जिस व्यक्ति से मैं सिर्फ दो घंटे पहले मिला और हाथ मिलाया, वह अब हमारे बीच नहीं है। हम सब ईश्वर के फैसले के आगे सिर झुकाते हैं। मुश्ताक भाई हमेशा एक लोकप्रिय व्यक्ति और एक्टर रहे हैं और रहेंगे। बहुत दुखी मन से, मैं उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
एक्टर संजय मिश्रा ने लिखा, "मुश्ताक भाई, हमने हमेशा आपका हाथ थामकर आपसे बहुत कुछ सीखा है। और आज, मोहसिन के पिता हमें छोड़कर चले गए हैं। आइए उस दुनिया में फिर मिलें, जहां आप शांति और खुशी से रहें। @mushtaqkhanaactor" डायरेक्टर अनिल शर्मा ने लिखा, "हमने कितने पल साथ बिताए, कितनी फिल्में साथ कीं... उफ, मुश्ताक भाई हमें इतनी जल्दी छोड़कर चले गए। उनके बारे में सुनकर दुख हुआ। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को इस भारी नुकसान को सहने की हिम्मत दे।
दिग्गज एक्टर रजा मुराद ने लिखा, "हमने एक दोस्त खो दिया है, हमने एक बेहतरीन इंसान खो दिया है। हमने एक ऐसे वर्सेटाइल एक्टर को खो दिया है जिनकी रेंज बहुत बड़ी थी। हमने एक बहुत ही अच्छे और भले इंसान को खो दिया है। भगवान उनकी नेक आत्मा को शांति दे। आमीन। मुश्ताक खान की बात करें तो उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1980 में 'अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है' से की थी और तीन दशकों से ज्यादा समय तक अपना करियर बनाया। उन्होंने 'आशिकी' (1990), 'दिल है कि मानता नहीं' (1991), 'सड़क' (1991), 'हम हैं राही प्यार के' (1993), 'क्रांतिवीर' (1994), 'राजा' (1995), 'प्यार तो होना ही था' (1998), 'हेरा फेरी' (2000), 'जोड़ी नंबर 1' (2001), 'मुझसे शादी करोगी' (2004), 'वेलकम' (2007), 'वांटेड' (2009), 'ओह माय गॉड !' (2012), 'राउडी राठौर' (2012), 'खिलाड़ी 786' (2012), 'वेलकम बैक' (2015), 'स्त्री' (2018), 'बधाई दो' (2022), 'गदर 2' (2023) और 'स्त्री 2' (2024) जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया।
उनकी सबसे यादगार परफॉर्मेंस में से एक वेलकम फिल्म में थी, जिसमें उन्होंने उदय शेट्टी के गैंग के सदस्य और एक दिव्यांग हॉकी खिलाड़ी बल्लू का किरदार निभाया था। फिल्म में उनकी कॉमिक टाइमिंग ने उन्हें खास तौर पर यादगार बना दिया; उनका मशहूर डायलॉग, मेरी एक टांग नकली है, मैं हॉकी का बहुत बड़ा खिलाड़ी था," फिल्म के सबसे ज्यादा याद किए जाने वाले कॉमिक पलों में से एक बन गया। मुश्ताक खान को गदर: एक प्रेम कथा और गदर 2 में गुल खान के किरदार के लिए भी याद किया जाता है।
