दिग्गज और युवा कलाकारों का कमाल, भारतीय सिनेमा में यादगार परफॉर्मेंस की लहर
punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 04:57 PM (IST)
नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारतीय सिनेमा इन दिनों अनुभवी दिग्गजों के साथ उभरते समकालीन कलाकारों के सशक्त अभिनय का साक्षी बन रहा है। भावनात्मक कहानियों से लेकर मिथक से भरपूर भव्य प्रस्तुतियों तक, इन महत्वाकांक्षी फिल्मों ने न सिर्फ कलाकारों को सीमाएं तोड़ी, बल्कि अपने स्क्रीन व्यक्तित्व को नए सिरे से परिभाषित भी की। आइए देखते हैं, उन सभी परफॉर्मेंस की एक सूची, जो भारतीय सिनेमा में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
अनुपम खेर - तन्वी द ग्रेट
अपनी वर्स्टेलिटी के लिए पहचाने जाने वाले अनुपम खेर जल्द ही अपनी फिल्म 'तन्वी द ग्रेट' के साथ एक बार फिर दर्शकों के सामने आ रहे हैं, जिसे हाल ही में ऑस्कर सूची में शामिल किया गया है। यह फिल्म भावनाओं और गहराई से भरपूर कहानी में पिरोई गई फिल्म है। विशेष रूप से इस फिल्म में अनुपम खेर अपने उसी अंदाज़ में नज़र आएँगे, जहां वे जटिल किरदारों को बेहद सहजता से निभाते हैं। माना जा रहा है कि चर्चा में बना उनका यह परफॉर्मेंस काफी संवेदनशील, प्रभावशाली और गरिमामय है, जो उनके लंबे और शानदार करियर की पहचान भी है।
ऋषभ शेट्टी - कांतारा: चैप्टर 1
'कांतारा' की जबरदस्त सफलता के बाद ऋषभ शेट्टी इसके प्रीक्वल 'कांतारा: चैप्टर 1' के साथ लौट आए हैं। इस बार की कहानी में पौराणिक और पारंपरिक जड़ों को और गहराई से दिखाया गया है। ऐसे में ऋषभ की दमदार मौजूदगी के साथ आध्यात्मिक जुड़ाव, फिल्म को सिर्फ एक सिनेमाई अनुभव नहीं, बल्कि सांस्कृतिक यात्रा बनाता है।
ईशान खट्टर - होमबाउंड
अपनी अलग तरह की फिल्मों के लिए पहचाने जानेवाले ईशान खट्टर ने 'होमबाउंड' के साथ सबको अपना प्रशंसक बना लिया है। भावनात्मक रूप से जुड़ी और सच्ची कहानी पर आधारित इस फिल्म में ईशान की सहज और संवेदनशील एक्टिंग, व्यक्तित्व की पहचान के साथ अपनेपन और अंदरूनी संघर्ष को सामने लाती है। माना जा रहा है कि यह फिल्म उनके करियर का एक अहम पड़ाव साबित हो सकती है।
ताहा शाह बदुशा - पारो
'हीरामंडी' के बाद ताहा शाह बदुशा अपनी नई फिल्म 'पारो' के साथ एक बार फिर अपने करियर में एक नया मोड़ लेते नजर आ रहे हैं। कहानी-प्रधान फिल्म 'पारो' में उनका किरदार गहराई और भावनात्मक मजबूती से भरा हुआ है और उन्हें अपनी अभिनय क्षमता दिखाने का पूरा मौका देता है। इसमें दो राय नहीं है कि यह फिल्म उनके करियर को नई दिशा देगी।
जैसे-जैसे भारतीय सिनेमा आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे यह चुनिंदा फिल्में हमें बताती हैं कि अब कहानियों में भावनाओं और संस्कृति को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। साथ ही इन फिल्मों के इन सभी कलाकारों की नई ऊर्जा, हमें ये भी बताते है कि आज के दौर में दमदार अभिनय भी कहानी की असली ताकत बन सकता है।
