पेट भरने के लिए पार्टियों में डांस किया, फुटपाथ पर भी पड़ा सोना ...झाड़ू-पोंछा तक किया, आज करोड़ों लोगों के दिलों पर राज करते हैं ये अभिनेता

punjabkesari.in Wednesday, Sep 30, 2026 - 07:06 PM (IST)

Mithun Chakraborty  : मिथुन चक्रवर्ती ने फिल्म इंडस्ट्री में जिस मुकाम और स्टारडम को हासिल किया, वहां तक पहुंचने का उनका सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा। शुरुआती दिनों में दो वक्त की रोटी जुटाना भी उनके लिए बड़ी चुनौती था। पैसों से बजाय वह पार्टियों में डांस करके अपना गुजारा करते थे। 

Mithun Chakraborty Struggle

फिल्म मृगया से डेब्यू के बाद जब उन्हें नेशनल अवार्ड मिला तो कई लोगों ने इसे उनकी किस्मत का कमाल माना लेकिन असल में यह उनके संघर्ष की
शुरुआत थी। एक दौर ऐसा भी आया जब उन्हें फुटपाथ पर रातें गुजरानी पड़ी। यहां तक कि जिम के वाशरूम का इस्तेमाल करने के बदले वह वहां सफाई तक करते थे। हालात से परेशान होकर एक वक्त मिथुन ने मुंबई छोड़कर ऊटी में होटल का कारोबार शुरू करने का फैसला भी किया था। हालांकि, उनकी किस्मत में कुछ और ही लिखा था और जल्द ही वह दोबारा फिल्मों की दुनिया में लौट आए। 

पेट भरने के लिए पार्टियों में करना पड़ा डांस 
हाल ही में फराह खान जो कि यूट्यूब पर अपने फ़ूड व्लॉगस बनाती हैं, वो मिथुन चक्रवर्ती के घर पहुंची। इस दौरान दोनों ने बातचीत के दौरान एक्टर की जिंदगी और उनके शुरुआती दिनों के संघर्ष को भी याद किया। 

Mithun Chakraborty Struggle

फराह खान ने बताया कि बचपन में उनके अंकल के.के. शुक्ला, अमिताभ बच्चन के लिए फिल्में लिखा करते थे। उन्होंने याद करते हुए कहा कि उन दिनों मिथुन दा भी उनकी पार्टियों में डांस करने पहुंचते थे। इसके बदले वह किसी तरह की फीस नहीं लेते थे बल्कि उन्हें सिर्फ रात का खाना मिल जाता था। 

फराह ने कहा कि उनके अंकल अक्सर मिथुन को बुलाने के लिए कहते थे क्योंकि उन्हें उनका डांस पसंद था। उस दौर में मिथुन बिना पैसे लिए परफॉर्म करते थे और खाने के लिए पार्टियों में डांस करना उनके संघर्ष का हिस्सा था। फराह के मुताबिक, लोग आजकल संघर्ष शब्द का इस्तेमाल आसानी से कर देते हैं लेकिन मिथुन चक्रवर्ती ने जिस दौर को देखा, वह वास्तव में संघर्ष की सच्ची मिसाल था।

Mithun Chakraborty Struggle

 फुटपाथ पर पड़ा सोना 
बातचीत के दौरान मिथुन ने अपने मुश्किल भरे दिनों को याद किया और कहा कि उनका संघर्ष सामान्य मुश्किलों से कहीं ज्यादा कठिन था। इस पर फराह खान ने बताया कि एक दौर ऐसा भी था जब उन्हें सड़कों और फुटपाथ पर रात गुजारनी पड़ती थी। 

मिथुन ने भी इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि वह सड़कों और बगीचों में सोया करते थे। दिनभर काम और भटकने के बाद जब वह बेहद थक जाते तो जहां जगह मिलती वहीं सो जाते थे। कई बार उन्हें पता ही नहीं चलता था कि कब फुटपाथ पर नींद आ गई और सुबह आंख खुलने पर खुद को वहीं पड़ा हुआ पाते थे।

 


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Content Editor

Prachi Sharma

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