Samay Raina ने बिहारियों पर किया मजाक तो भड़के एक्टर Manoj Bajpayee, बोलें- मजाक में बुराई नहीं लेकिन सम्मान जरूरी
punjabkesari.in Sunday, Aug 30, 2026 - 01:26 PM (IST)
Manoj Bajpayee on Samay Raina : अभिनेता मनोज बाजपेयी ने कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में प्रवासियों पर किए गए मजाक से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। अभिनेता ने हाल ही में अपनी आने वाली फिल्म 'लास्ट मैन इन टॉवर' के प्रमोशन के दौरान बात की।

जब उन्हें कॉमेडियन के शो में हुई उस घटना के बारे में बताया गया, जिसमें कॉमेडियन ने शेरोन वर्मा के साथ मजाक-मजाक में एक-दूसरे की जड़ों (मूल स्थान) का मजाक उड़ाया था, तो उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया दी।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज ने कहा, "अगर यह सब मजाक में है, तो मुझे इससे कोई परेशानी नहीं है। हमें खुद पर हंसना और साथ में हंसना सीखना चाहिए, एक-दूसरे पर हंसना चाहिए और फिर भी बुरा नहीं मानना चाहिए या नाराज नहीं होना चाहिए। तो, यही हमें सीखना चाहिए। हमारे अंदर खुद को लेकर हास्य-बोध होना चाहिए, लेकिन साथ ही सम्मान भी होना चाहिए न केवल अपने लिए, बल्कि उस व्यक्ति के लिए भी जिसके साथ आप बैठे हैं और जहां से वह व्यक्ति आया है। यह बहुत जरूरी है। अगर दो लोग एक-दूसरे के साथ सहज होते हैं, तो वे हमेशा एक-दूसरे पर हंसते हैं।

इसके बाद अभिनेता ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने शुरुआती दिनों की एक घटना का जिक्र किया, जब एक बस ड्राइवर ने उनसे सख़्ती से बात की थी। उन्होंने आगे बताया जब मैं दिल्ली में था, तब मैं 18 साल का था और बस में सामने वाले दरवाजे से चढ़ने की कोशिश कर रहा था क्योंकि यह मेरा पहला अनुभव था। इसलिए, मुझे शहर के नियमों का पता नहीं था। तो, ड्राइवर ने मेरी तरफ देखा और चिल्लाया, 'अरे बिहारी, पिछले दरवाजे से चढ़ो'। उसे पता नहीं था कि मैं बिहार से हूं लेकिन असल में मैं बिहार से ही हूं। तो, उसके लिए, जो भी व्यक्ति ऐसी बेवकूफी भरी गलती करता था, वह बिहार से ही होता था। मुझे बुरा नहीं लगा क्योंकि पहली बात, वह सही था कि मैं बिहार से हूं। दूसरी बात, मैं भी गलत नहीं था क्योंकि मैं शहर में नया था और बिल्कुल अनजान था लेकिन जब मैंने अलग-अलग राज्यों के लोगों से दोस्ती की, तो हम एक-दूसरे पर हंसा करते थे।
उन्होंने आगे कहा, "हमें कभी बुरा नहीं लगा या हम कभी आहत नहीं हुए। लेकिन हां, समस्या तब होती है जब कोई बाहर से आकर आपके लिए या समुदाय के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। तब समस्या होती है। उससे पहले, हमें एक-दूसरे पर और खुद पर भी हंसने में सक्षम होना चाहिए। यह एक बहुत ही स्वस्थ समाज की निशानी है।

