कोहरा 2 में ज्यादा सरप्राइज, ह्यूमर, इमोशन है और रिश्तों की और गहरी परतें हैं: बरुण सोबती
punjabkesari.in Tuesday, Feb 03, 2026 - 05:16 PM (IST)
नई दिल्ली/ टीम डिजिटल। नेटफ्लिक्स की चर्चित क्राइम-थ्रिलर सीरीज ‘कोहरा’ का पहला सीजन दर्शकों के बीच जबरदस्त हिट रहा। अब एक नई मिस्ट्री, नए किरदारों और ज्यादा इमोशनल गहराई के साथ ‘कोहरा सीजन 2’ लौट आया है। इस सीरीज में बरुण सोबती, मोना सिंह, रणविजय सिंह नजर आ रहे हैं। 11 फरवरी को रिलीज हो रही कोहरा सीजन 2 को सुदीप शर्मा ने डायरेक्ट किया है। इस सीरीज के बारे में बरुण सोबती, मोना सिंह, रणविजय सिंह और डायरेक्टर सुदीप शर्मा ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार की संवाददाता मनीषा कनौजिया से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश...
बरुण सोबती
सवाल: ‘कोहरा’ का पहला सीजन बेहद सफल रहा। अब सीजन 2 में दर्शकों को क्या नया देखने को मिलेगा?
जवाब: अगर मैं लॉजिकली कहूं तो पहला सीजन एक स्टैंडअलोन मिस्ट्री था जबकि दूसरा सीजन एक बिल्कुल नई मिस्ट्री लेकर आता है। इस बार लेखन और ज्यादा एलिवेटेड है क्योंकि पहले सीजन की सफलता ने हमें कॉन्फिडेंस दिया। इसमें ज्यादा सरप्राइज हैं, ह्यूमर है, इमोशन है और रिश्तों की और गहरी परतें हैं। यही सीजन 2 की सबसे बड़ी खासियत है।
सवाल: क्राइम थ्रिलर में सबसे चुनौतीपूर्ण क्या होता है?
जवाब: अगर लिखाई मजबूत हो, तो कुछ भी मुश्किल नहीं लगता। कुछ सीन ऐसे होते हैं जिन्हें आप खास मौके की तरह देखते हैं। वो चुनौती नहीं, बल्कि एक्साइटमेंट बन जाते हैं। मैं हमेशा सोच के चलता हूं कि यहां मेरे लिए opportunity है तो मैं उसे जाने नहीं देता। चुनौतीपूर्ण तो नहीं पर एक्साइटिंग जरूर होता है।
सवाल: अगर बरुण एक्टर नहीं होते तो क्या होते?
जवाब: अगर मैं एक एक्टर नहीं होता तो शायद मैं फुटबॉल कोच होता। मैं बच्चों को फुटबॉल सिखाता। मैं बहुत अच्छा प्लेयर तो नहीं होता लेकिन मैं सिखाता अच्छा हूं।
मोना सिंह
सवाल: आपने वेब सीरीज और फिल्मों में काम किया है अब एक पुलिस ऑफिसर की भूमिका निभा रहे हैं। यह अनुभव कैसा रहा?
जवाब: यह मेरे लिए एक ड्रीम कम ट्रू जैसा था। मैं हमेशा से एक कॉप का रोल करना चाहती थी, लेकिन ऐसा कॉप जो लेयर्ड हो, ह्यूमन हो, इमोशनल हो और स्टोइक भी। धनवंत का किरदार बहुत गहराई वाला है। इसमें सीखने को बहुत कुछ मिला और यह मेरे करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है।
सवाल : धनवंत के किरदार के बारे में कुछ बताइए।
जवाब: धनवंत एक मजबूत महिला है लेकिन उसके भीतर बहुत कुछ चल रहा है। एक पर्सनल लॉस है, प्रोफेशनल प्रेशर है, सिस्टम की अनदेखी है। वह ‘बुक के हिसाब से’ काम करती है, सवाल पूछती है और लगातार खुद को साबित करती है। यह किरदार मुझसे बिल्कुल अलग है, और यही इसे निभाने की सबसे बड़ी खूबसूरती थी।
सवाल: बरुण और रणविजय के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
जवाब: दोनों के साथ काम करना एक ड्रीम जैसा था। बरुण को पहले सीजन से पसंद करती थी और रणविजय को हम सब रोडीज से जानते हैं। पहले ही सीन में रणविजय ने कमाल कर दिया। इस शो की खासियत यह है कि यहां हर कलाकार चाहे छोटा रोल हो या बड़ा पूरी ईमानदारी से काम करता है।
सुदीप शर्मा
सवाल: ‘कोहरा’ नाम कैसे रखा गया? इसके पीछे क्या सोच थी?
जवाब: इसके दो पहलू हैं। पहला, फिजिकल पंजाब और नॉर्थ इंडिया की सर्दियों में जो कोहरा होता है हम वही लुक चाहते थे। दूसरा, इसका एक गहरा प्रतीकात्मक मतलब है। यह वो कोहरा है जो रिश्तों को ढक देता है जो सच्चाई को जांच अधिकारी की आंखों से छुपा देता है। कई बार सच हमारे बिल्कुल सामने होता है, लेकिन अपने भावनात्मक उलझनों की वजह से हम उसे देख नहीं पाते। दोनों सीजन में मिस्ट्री का हल वहीं मौजूद होता है बस देखने की नजर चाहिए।
सवाल: ‘कोहरा 2’ की कास्टिंग प्रक्रिया कैसी रही?
जवाब: कास्टिंग एक मिक्स प्रोसेस होता है। कुछ किरदार दिमाग में पहले से होते हैं, कुछ आपको ढूंढने पड़ते हैं। हमारी कास्टिंग डायरेक्टर निकिता ग्रोवर पंजाब जाकर स्थानीय कलाकारों को खोजती हैं। कुछ कलाकारों को आप अप्रोच करते हैं आपको यह भी देखना हो ता है कि जिन्हें आप अप्रोच करते हो तो वो अग्री होते हैं या नहीं। कुछ सरप्राइज बनकर सामने आते हैं जैसे रणविजय। रणविजय का काम मैंने नहीं देखा था तो मुझे नहीं पता था कि वह इस रोल के लिए मानेंगे या नहीं लेकिन उनका टेस्ट देखकर साफ हो गया था कि यह रोल इन्हीं के लिए है।
सवाल: इस सीजन में एक महिला पुलिस ऑफिसर को लीड में क्यों रखा गया?
जवाब: पहले सीजन में हमने मेल प्रोफेशनल रिलेशनशिप को एक्सप्लोर किया। इस बार मैं देखना चाहता था कि एक रफ-एंड-टफ पुलिस ऑफिसर, एक महिला बॉस के अंडर कैसे काम करता है। पंजाब जैसे मैस्कुलिन माहौल में एक महिला पुलिस अधिकारी की चुनौतियां वर्क-लाइफ बैलेंस, घरेलू दबाव, ऑफिस में सवाल यह सब बहुत दिलचस्प था।
रणविजय सिंह
सवाल: आपने ‘कोहरा 2’ के लिए हां क्यों कहा?
जवाब: मैंने जब पहला सीजन देखा तो मन ही मन सोचा कि काश मैं इसका हिस्सा होता। पंजाबी भाषा और माहौल बहुत रियल लगा। सुदीप सर का काम मुझे हमेशा पसंद रहा है। जब सीजन 2 के लिए कॉल आया और टेस्ट देने को कहा गया, तो मेरा मकसद सिर्फ इतना था कि मैं उनके साथ काम कर सकूं। स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद मुझे एहसास हुआ कि यह किरदार मैंने पहले कभी नहीं किया। वर्कशॉप्स हुईं, पूरी टीम बेहद प्रोफेशनल थी। यह एक फैमिली की तरह काम करने वाला सेट था। मेरे लिए यह अनुभव बहुत खास रहा।
सवाल: आपने रोडीज जैसे शोज़ होस्ट किए हैं और तो आपके लिए क्या आसान है एक्टिंग होस्टिंग?
जवाब: मेरे लिए रोडीज होस्ट करना आसान है क्योंकि मैं उसके साथ बड़ा हुआ हूं और वो मेरी पर्सनैलिटी का एक्सटेंशन है। एक्टिंग ज्यादा चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उसमें मेरे किरदार का नाम तरसीम है जो मेरी रियल पर्सनैलिटी से अलग है जिसे मुझे समझना पड़ता है। तरसीम की सोच उसका बिहेवियर, उसके डर। लेकिन जब मेहनत के बाद तारीफ मिलती है, तो उसकी संतुष्टि कहीं ज्यादा होती है।
