स्टारडम से पहले रात-रात भर रोती थीं Karisma Kapoor, बहन Kareena ने बताया- पिता ने भी छोड़ दिया था साथ
punjabkesari.in Friday, Jul 24, 2026 - 03:16 PM (IST)
Karisma Kapoor : करिश्मा कपूर हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्रियों में से एक हैं, जिन्होंने होने शानदार अभिनय से कई हिट फिल्मों में अपनी खास पहचान बनाई है। हालांकि, बॉलीवुड में अपनी जगह बनाना उनके लिए आसान सफर नहीं था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके पिता रणधीर कपूर शुरुआत में उनके एक्टिंग करियर के पक्ष में नहीं थी। इसके बावजूद करिश्मा ने परिवार की सोच के खिलाफ जाकर अपनी मां बबिता का साथ दिया और महज 15 साल की उम्र में फिल्मों में कदम रखने का फैसला किया।
हाल ही में करीना कपूर ने अपनी बहन करिश्मा के संघर्ष भर दिनों को याद करते हुए कई ऐसे किस्से साझा किए, जिनसे पता लोलो ने अपनी सफलता हासिल करने के लिए कितनी मुश्किलों का सामना किया था।

पिता ने भी छोड़ दिया साथ
करीना कपूर ने हाल ही में करिश्मा के जीवन में मुश्किल समय की कुछ बातें साझा की। उन्होंने बताया की जब करिश्मा ने फिल्मों में करियर बनाने का फैसला किया तो मां बबीता की सलाह पर उन्होंने अपने पिता रणधीर कपूर से इस बारे में बात की थी। कुछ खबरों के मुताबिक करीना ने कहा कि उस दौर में कई लोगों ने करिश्मा के साथ काम करने से मना कर दिया था। इतना ही नहीं, एक समय ऐसा भी आया जब उनके पिता रणधीर कपूर ने भी उनका साथ नहीं दिया।
लोलो रात-रात भर जागकर रोया करती थीं
करीना कपूर ने बताया कि मशहूर कपूर परिवार से होने के बावजूद करिश्मा कपूर को इंडस्ट्री में कोई विशेष सहारा नहीं मिला। उन्होंने कहा की राज कपूर जैसा बड़ा नाम होने के बाद भी किसी ने करिश्मा का हाथ नहीं थामा। उस मुश्किल दौर में उनकी मां बबीता ने परिवार और बेटियों के लिए काफी स्ट्रगल किया। करीना के मुताबिक, करिश्मा कई रातों तक जागकर रोती रहती थीं और वह खुस यह सब चुपचाप देखा करती थीं। करीना ने आगे कहा कि उन्होंने मा और बहन के संघर्ष को बहुत करीब से महसूस किया है। उन्होंने देखा कि किस तरह लोग करिश्मा को कमतर दिखाने की कोशिश करते थे। हालात इतने खराब थे कि करिश्मा कई बार रोते-रोते ही सो जाती थीं, जबकि उनकी मां बबीता हर परिस्थिति में पूरे परिवार को संभालने की जिम्मेदारी निभा रही थीं।

आज सबसे मशहूर एक्ट्रेसस में से एक हैं करिश्मा कपूर
जीवन में इतना मुश्किल समय देखने के बाद भी करिश्मा ने हिम्मत नहीं हारी और आज इंडस्ट्री में अपनी जगह बना ही ली। 1991 में प्रेम कैदी फिल्म से उन्होंने अपनी फ़िल्मी करियर की शुरुआत की और उस समय वो सिर्फ 16 वर्ष की थीं। 'राजा हिंदुस्तानी', 'हीरो नंबर 1', 'बीवी नंबर 1', 'जिगर', 'सपने साजन के', 'अनाड़ी', जैसी फिल्मों के बाद उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई।

