Babita Singh Reporting Review: क्राइम, इमोशन और सस्पेंस से भरपूर है निमिषा सजयन की यह फिल्म
punjabkesari.in Friday, Aug 28, 2026 - 02:34 PM (IST)
फिल्म: बबीता सिंह रिपोर्टिंग (Babita Singh Reporting)
निर्देशक: अंबीका पंडित (Ambika Pandit)
मुख्य कलाकार: निमिषा सजयन (Nimisha Sajayan), बरुण सोबती (Barun Sobti), अंशुमान पुष्कर (Anshumaan Pushkar)
स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म: Prime Video
रेटिंग: 3*
Babita Singh Reporting: अगर आपको ऐसी क्राइम-थ्रिलर कहानियां पसंद हैं, जिनमें अपराध की गुत्थी के साथ किरदारों का निजी अतीत भी धीरे-धीरे सामने आता है, तो ‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ आपका ध्यान खींच सकती है। ‘कोहरा’ और ‘पाताल लोक’ के मेकर्स की यह सीरीज एक पुलिस अफसर बेबी यानी बबीता सिंह की कहानी है, जो थाने में अपनी पहचान बनाने और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच खुद को संभालने की कोशिश कर रही है। लेकिन एक पुराने दोस्त की रहस्यमयी हत्या उसकी जिंदगी को पूरी तरह बदल देती है। आइए जानते हैं कैसी है फिल्म बबीता सिंह रिपोर्टिंग।

कहानी
कहानी बबीता सिंह उर्फ बेबी की है, जो एक पुलिस अधिकारी है। वह अपने सीनियर ऑफिसर से छुट्टी मांगती है, लेकिन छुट्टी मंजूर कराने के लिए उसे एक समझौता करना पड़ता है, जिसके चलते वह दो हफ्ते के लिए सस्पेंड हो जाती है। इसी दौरान वह अपने बचपन के दोस्त बंसी से मिलने जाती है, लेकिन बंसी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाती है।

बंसी की मौत बबीता को अंदर तक झकझोर देती है और वह खुद इस मामले की जांच शुरू कर देती है। पति और परिवार के विरोध के बावजूद वह सच सामने लाने की कोशिश करती है। जांच के दौरान मामला उसके लिए सिर्फ एक पुलिस केस नहीं, बल्कि बेहद निजी लड़ाई बन जाता है। आखिरकार सामने आता है कि बंसी की हत्या के पीछे कोई करीबी ही है। कहानी बबीता के सच और इंसाफ की तलाश के इसी सफर पर आधारित है।
निर्देशन
अंबीका पंडित का निर्देशन फिल्म की सबसे मजबूत बातों में से एक है। उन्होंने कहानी को सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री तक सीमित नहीं रखा, बल्कि बबीता की निजी जिंदगी, उसके रिश्तों और एक पुलिस अधिकारी के तौर पर सामने आने वाली चुनौतियों को भी कहानी का हिस्सा बनाया है। कलाकारों के किरदारों को ज्यादा बनावटी न रखते हुए उन्हें कहानी के माहौल के मुताबिक रखा गया है, जिससे फिल्म का इमोशनल पक्ष उभरकर सामने आता है। खासतौर पर बबीता की अपने दोस्त की मौत के बाद सच जानने की बेचैनी को निर्देशक ने अच्छी तरह पर्दे पर उतारा है।

हालांकि, निर्देशन पूरी तरह प्रभावी नहीं रह पाता। जांच से जुड़े कुछ हिस्से जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं और कई जगह कहानी की रफ्तार धीमी पड़ जाती है।
एक्टिंग
फिल्म में निमिषा सजयन, बरुण सोबती और अंशुमान पुष्कर मुख्य भूमिकाओं में नजर आएं हैं। तीनों कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों को सहजता और प्रभावी अभिनय के साथ पर्दे पर उतारा है। उनकी एक्टिंग कहानी के इमोशनल पहलुओं को मजबूती देती है और किरदारों को विश्वसनीय बनाती है। निमिषा सजयन ने एक पुलिस अधिकारी की भूमिका के साथ साथ एक परिवार को संभालती हुई गृहणी का किरदार भी बखूबी निभाया है।
