जेएनयू: 2 हफ्ते में विवेकानंद मूर्ति मामले में दोषियों पर होगी कार्रवाई

11/18/2019 10:49:40 AM

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र कल्याण डीन प्रोफेसर उमेश अशोक कदम ने कहा कि परिसर में लगी स्वामी विवेकानंद की मूर्ति पर आपत्तिजनक शब्द लिखने वाले छात्रों को पहचान लिया गया है। 2 हफ्ते में विवि. के नियमानुसार मुख्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा मामले में कोई फैसला ले लिया जाएगा। प्रशासन इन दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की योजना बना रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध भी पुलिस में मामला दर्ज किया गया है और हमने सभी सबूत पुलिस को सौंप दिए हैं। सभी लोगों की पहचान हो गई है और जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।  

आंदोलन खत्म करने के लिए हम छात्रों से वार्ता करने के  लिए तैयार हैं, लेकिन छात्रावास के निर्वाचित प्रतिनिधियों से ही बात की जाएगी, क्योंकि जेएनयूएसयू प्रशासन द्वारा अभी अधिसूचित नहीं किया गया है। वहीं कदम ने हॉस्टल मैनुअल पर कहा कि विश्वविद्यालय छात्रावास शुल्क के रूप में लागत खर्च ही लेता है। अभी यह शुल्क लागत के मुकाबले काफी कम था। यूजीसी ने सभी यूनिवॢसटी को यूटिलिटी चार्ज वसूलने के लिए 2014 में ही सर्कुलर जारी किया था। हमने इसे अब लागू कर दिया है और इसी वजह से हमें शुल्क में वृद्धि करनी पड़ी है। फिर भी आप बाकी विवि. के फीस और खर्चों से जेएनयू की तुलना करेंगे तो जेएनयू को सस्ता ही पाएंगे। प्रोफेसर कदम रविवार को एक प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। 

उन्होंने कहा कि जेएनयू के अधिकाधिक विद्याॢथयों को नॉन नेट फेलोशिप -एमसीएम स्कॉलरशिप या कोई न कोई छात्रवृत्ति मिल रही है। ऐसे में उन्हें बढ़ा हुआ शुल्क देने में क्या परेशानी है। अगर महीना का देखा जाए तो नए हॉस्टल मैनुअल के अनुसार हॉस्टल-सर्विस चार्ज-यूटिलिटी चार्ज मिलाकर करीब 4200 रुपए प्रति छात्र आ रहा है। यह रकम उन्हें मिल रही महीना स्कॉलरशिप से कम है तो फिर क्या परेशानी है। उन्होंने कहा कि यह  आंदोलन छात्र संघ को अधिसूचित कराने के लिए है, जो नियमानुसार अभी नहीं हुआ है। 

प्रोफेसर कदम ने बताया कि पिछली बार सही बिल उपलब्ध नहीं करा पाने की वजह से छात्र संघ को अधिसूचित नहीं किया गया था। इस साल भी प्रक्रिया को पूरी नहीं करने की वजह से अभी तक छात्र संघ की अधिसूचना जारी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि आईएचए (इंटर हॉल एडमिनिस्ट्रेशन) की बैठक तक छात्रावास की नई नियमावली का कोई मुद्दा ही नहीं थी। जब तक छात्र कोर्ट से ऑर्डर लेकर निर्धारित पूरी प्रक्रिया का पालन नहीं करेंगे तब तक छात्र संघ को अधिसूचित नहीं किया जाएगा।


Author

Riya bawa

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