JNU Protest : नाराज छात्रों ने किया परीक्षा का बहिष्कार

2019-12-06T10:51:33.103

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवॢसटी (जेएनयू) छात्रों ने परीक्षा समेत सभी अकादमिक गतिविधियों के बहिष्कार की वीरवार सुबह घोषणा कर दी है। छात्रसंघ के बैनर तले बुधवार देर रात तक आयोजित की गई विश्वविद्यालय आम सभा की बैठक (यूजीबीएम) में छात्रों द्वारा यह फैसला लिया गया है। बता दें 12 दिसम्बर से सेमेस्टर एग्जाम प्रस्तावित हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लगातार छात्रों से आंदोलन को खत्म कर परीक्षा में बैठने और अकादमिक गतिविधियों में शामिल होने की अपील की जा रही है, लेकिन फीस वृद्धि के खिलाफ 36 दिन से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने अब यह स्पष्ट किया है कि जब तक छात्रावास नियमावली को रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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ज्ञात हो छात्रों के आंदोलन की वजह से विश्वविद्यालय का सारा अकादमिक और प्रशासनिक काम ठप पड़ा हुआ है। कुछ दिन पहले कुलपति की ओर से अपील जारी करने के बाद बुधवार को फिर से विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से अकादमिक गतिविधियों को सुचारू करने की अपील की थी। विश्वविद्यालय प्रशासन की अपील के उलट छात्रों की तरफ से बुधवार रात को यूजीबीएम आयोजित की गई। इसमें छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर 28 अक्तूबर के बाद से प्रदर्शनकारी छात्रों से संवाद न करने, कुलपति पर ट्वीटर के माध्यम से विश्वविद्यालय को संचालित करने का आरोप लगाया है। 

यूजीबीएम में हुए फैसलों को लेकर छात्रसंघ ने बयान जारी कर कहा है कि सेमेस्टर परीक्षाएं होने वाली हैं, लेकिन बढ़ी हुई फीस वापस नहीं लिए जाने के कारण छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे दौर में यूजीबीएम में सर्वसम्मति से परीक्षा, असाइनमेंट के बहिष्कार का फैसला लिया गया है। 

9 को राष्ट्रपति भवन तक छात्र करेंगे मार्च  
छात्रावास के नए नियमों के खिलाफ 1 माह से प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा है कि वह 9 दिसम्बर को राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च करेंगे। इस मार्च की अगुवाई जेएनयू छात्र संघ करेगा। मार्च का स्लोगन होगा शिक्षा बचाओ पदयात्रा।  छात्रसंघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति जेएनयू के कुलाधिपति हैं।


Author

Riya bawa

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