JNU में बढ़ी हॉस्टल फीस से आर्थिक बोझ नहीं, 71% छात्रों को मिलती है स्कॉलरशिप

11/22/2019 11:00:02 AM

नई दिल्ली: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के 71% छात्रों को स्कॉलरशिप मिलती है। देश के 40 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में यह सबसे अधिक है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों की मानें तो यह कहना गलत है कि बढ़ी हॉस्टल फीस से बढ़े आर्थिक बोझ को छात्र चुकाने में सक्षम नहीं हो सकेंगे। बता दें कि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार जेएनयू के 7557 छात्रों में से 5371 छात्रों को विभिन्न अनुदान मिलते हैं। जेएनयू में एमसीएम के लिए सबसे कम 2000 रुपये प्रति महीने जबकि रिसर्च एसोसिएट के लिए 47000 रुपये प्रति महीने तक छात्रवृत्ति दी जाती है।   

होस्टल की बढ़ी हुई फ़ीस के मुताबिक 
सामान्य श्रेणी के हर छात्र-  4500 रुपये प्रति महीना
बीपीएल छात्र - 3300 रुपये प्रति महीना 
 
औसत रूप से सामान्य वर्ग के छात्र के लिए- 63700 रुपये प्रति वर्ष 
बीपीएल श्रेणी के छात्रों के लिए यह 48100 रुपये प्रति वर्ष
अधिक छात्रों वाले केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 35260 रुपये से लेकर 47800 रुपये तक 

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में 24000 छात्र हैं और वहां सबसे कम 17100 रुपये प्रति वर्ष ख़र्च आता है। बीएचयू में 32000 छात्र हैं जिनमें 16000 छात्र होस्टल में हैं, वहां होस्टल चार्ज 35260 रुपये प्रति वर्ष है। 

JNU 
जेएनयू में होस्टल में रहने वाले छात्रों की संख्या 6600 है जबकि 5371 छात्रों को आर्थिक मदद दी जा रही है इनमें 674 छात्रों को 31000-47000 रुपये तक की छात्रवृत्ति है। 182 छात्रों को 12000-22000 रुपये, 3080 छात्रों को 5000-8000 रुपये और 1435 छात्रों को 2000-3500 रुपये प्रति महीने की छात्रवृत्ति है।  

मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार 40 साल में पहली बार यह बढ़ोत्तरी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि जेएनयू में छात्रों को न्यूनतम 2400 रुपये प्रति वर्ष से अधिकतम 564000 रुपये प्रति वर्ष तक आर्थिक सहायता मिलती है। सूत्रों की मानें तो जेएनयू के आंदोलनकारी छात्रों के साथ बातचीत चल रही है लेकिन अभी तक कोई फैसला नहीं आया है। 
 


Author

Riya bawa

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