JNU 2019: जेएनयू कुलपति ने शिक्षकों से मांगा सहयोग

11/16/2019 9:59:16 AM

नई दिल्ली: जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) में पिछले कई दिनों से चल रहें घटनाक्रम के चलते अशांत चल रहे कैंपस को लेकर कुलपति प्रो. जगदीश कुमार ने कैंपस में पढ़ाई के माहौल को बनाने के लिए अपने सहकर्मियों से सहयोग मांगा है। कैंपस में शांति व्यवस्था और शैक्षिक माहौल बनाने के लिए सहयोग करने की अपील करते हुए कुलपति ने शुक्रवार को सहकर्मियों के नाम पत्र लिखा है। पत्र में कुलपति ने शिक्षकों से अपने स्तर पर छात्रों को समझाने के लिए कहा है। कुलपति के अनुसार कुछ दिनों से कैंपस में कुछ छात्रों के प्रदर्शन के कारण कैंपस में पढ़ाई-लिखाई और रिसर्च का माहौल पूरी तरह से ठप है। ऐसे में हम सबको अपने स्तर पर कैंपस के माहौल को सामान्य करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। वहीं एक बार फिर छात्रों से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की।

कुलपति ने अपने पत्र में सहकर्मियों को सम्बोधित करते हुए कहा है कि कार्यकारी परिषद की बैठक में छात्रों को छूट देने के बावजूद छात्र प्रदर्शन कर हॉस्टल मैन्युअल को पूरी तरह से वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। बीते दिनों कुछ छात्र प्रदर्शन के दौरान हिंसक तक हो गए थे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने जेएनयू शिक्षकों व अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की तक की। छात्रों ने महिला सुरक्षाकर्मी को भी नहीं बख्शा।    

अपील का छात्रों पर नहीं पड़ा असर, प्रशासन को घेरा
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में नए हॉस्टल मैन्युअल और फीस बढ़ोतरी को लेकर हो रहा हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है और विरोध लगातार जारी है। शुक्रवार को छात्र संगठन के आह्वान पर छात्रों ने प्रशासनिक खंड के बाहर प्रदर्शन किया, पिछले तीन दिन से छात्र इसको लेकर प्रदर्शन कर रहे है। छात्रों  की मांग है कि पूरी फीस वापस की जाए।  प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फीस बढोतरी के चलते शिक्षा महंगी हो जाएगी और बहुत से छात्रों को कैम्पस तक छोडऩा पड़ सकता है। 

खबर लिखे जाने तक छात्र प्रशासनिक खंड पर जमें हुए थे और ढपली बजाते हुए एजुकेशन फोर ऑल के पोस्टर हाथों में लिए हुए थे। नए हॉस्टल मैन्युअल और फीस बढ़ोतरी के विरोध में पिछले लगभग दो सप्ताह से छात्र प्रदर्शन करते आ रहे है ,जिसके चलते पढ़ाई का माहौल भी ठप है। शुक्रवार को जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय छात्र संगठन के आह्वान पर छात्र प्रशासनिक खंड के बाहर एकत्र होने लगे। धीरे-धीरे छात्रों की भीड़ बढऩे लगी। हालांकि किसी तरह केहंगामा होने की बात सामने नहीं आई। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कुलपति की इस बात को गलत करार दिया कि वह बातचीत केलिए हमेशा तैयार रहते हैं। 


Author

Riya bawa

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