कॉर्पोरेट राजनीति और नैतिक नेतृत्व पर आधारित पुस्तक का विमोचन
punjabkesari.in Monday, Jan 26, 2026 - 11:07 PM (IST)
नेशनल डेस्क : कॉपोरेट राजनीति, करियर और नैतिक नेतृत्व पर केंद्रित पुस्तक ने पेश किया समकालीन कार्यस्थलों का यथार्थ महाराष्ट्र के तुमसर शहर स्थित श्री संत रविदास सार्वजनिक वाचनालय, तुमसर के कार्यालय में आज 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर पुस्तक "Breaking Politics - Empowering Experts" का भव्य प्रकाशन समारोह मान्यवर अतिथियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। यह पुस्तक वैभव देशपांडे और रोशन भोंडेकर द्वारा सह-लेखित है। कार्यक्रम के दौरान लेखक रोशन भोंडेकर के माता-पिता श्री दिलीप भोंडेकर एवं श्रीमती सुधा भोंडेकर ने क्षेत्र के अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ मिलकर पुस्तक का विधिवत लोकार्पण किया। तेजी से विस्तार कर रहे भारत के कॉर्पोरेट और तकनीकी परिदृश्य में करियर केवल कौशल और प्रदर्शन से ही नहीं, बल्कि संगठनों के भीतर मौजूद अदृश्य शक्ति संरचनाओं से भी प्रभावित हो रहे हैं। पदोन्नति, महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट और नेतृत्व की दृश्यता अक्सर आंतरिक समीकरणों पर निर्भर होती जा रही है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कॉर्पोरेट राजनीति आज पेशेव नीति निर्माताओं और उद्योग जगत में चर्चा का विषय बन चुकी है।
भारत का प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्र पांच मिलियन से अधिक लोगों को रोजगार देता है। हालिया उद्योग सर्वेक्षणों के अनुसार, तकनीकी कौशल के साथ-साथ कार्यस्थल संस्कृति और आंतरिक राजनीति कर्मचारी असंतोष और इस्तीफों के प्रमुख कारण बन रहे हैं। 2024 की एक रिपोर्ट में लगभग 48 प्रतिशत मध्य-स्तरीय आईटी पेशेवरों ने पदोन्नति में पारदर्शिता की कमी और पक्षपात को करियर बदलने की वजह बताया।
इसी पृष्ठभूमि में राजमंगल पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित यह गैर-काल्पनिक पुस्तक सामने आई है। Breaking Politics - Empowering Experts शोध और अनुभव आधारित दृष्टिकोण से यह विश्लेषण करती है कि किस प्रकार छिपे हुए सत्ता खेल नौकरियों और करियर को प्रभावित करते हैं और पेशेवर इन परिस्थितियों में नैतिकता बनाए रखते हुए प्रभावी कैसे रह सकते हैं। पुस्तक में कॉर्पोरेट राजनीति को स्वस्थ संवाद नहीं, बल्कि छिपे एजेंडे, हेरफेर और सत्ता संघर्ष के रूप में परिभाषित किया गया है। लेखकों ने बताया है कि ये तत्व नवाचार, मनोबल और दीर्घकालिक संगठनात्मक प्रदर्शन को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही, समाधान के रूप में व्यावहारिक रणनीतियां प्रस्तुत की गई हैं, जैसे योगदान का दस्तावेजीकरण, संगठनात्मक प्राथमिकताओं के साथ कार्यों का संरेखण और नेतृत्व की जवाबदेही।
राजमंगल पब्लिशर्स, अलीगढ़ उत्तर प्रदेश स्थित एक प्रतिष्ठित पारंपरिक प्रकाशन संस्था है, जो सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हिंदी साहित्यिक और शैक्षणिक कृतियों के लिए जानी जाती है। यह पुस्तक पेशेवर और कॉर्पोरेट विषयों में उनके विस्तार का संकेत देती है। परिभाषित किया गया है। लेखकों ने बताया है कि ये तत्व नवाचार, मनोबल और दीर्घकालिक संगठनात्मक प्रदर्शन को कैसे नुकसान पहुंचाते हैं। साथ ही, समाधान के रूप में व्यावहारिक रणनीतियां प्रस्तुत की गई हैं, जैसे योगदान का दस्तावेजीकरण, संगठनात्मक प्राथमिकताओं के साथ कार्यों का संरेखण और नेतृत्व की जवाबदेही। राजमंगल पब्लिशर्स, अलीगढ़ उत्तर प्रदेश स्थित एक प्रतिष्ठित पारंपरिक प्रकाशन संस्था है, जो सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हिंदी साहित्यिक और शैक्षणिक कृतियों के लिए जानी जाती है। यह पुस्तक पेशेवर और कॉपर्पोरेट विषयों में उनके विस्तार का संकेत देती है।
लेखक वैभव देशपांडे, जिनके पास तकनीकी नेतृत्व का दो दशक से अधिक का अनुभव है, वर्तमान में पुणे स्थित एआईटी ग्लोबल इंडिया में मुख्य सूचना अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। वहीं रोशन भोंडेकर को आईटी, रणनीति परामर्श और रचनात्मक लेखन का 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। दोनों लेखकों ने पुस्तक से होने वाली आय को अनाथ बच्चों के लिए कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों को दान करने की घोषणा की है। समारोह के समापन पर श्री दिलीप भोंडेकर ने कहा कि अनुभवों को साझा करना समाज की जिम्मेदारी है। वहीं श्रीमती सुधा भोंडेकर ने पढ़ने की शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि जीवन के बेहतर निर्माण के लिए रचनात्मकता और अध्ययन को दैनिक आदत बनाना आवश्यक है। Breaking Politics - Empowering Experts का यह प्रकाशन न केवल एक पुस्तक विमोचन रहा, बल्कि आधुनिक भारत में करियर, नैतिकता और संगठनात्मक संस्कृति पर गहन संवाद की शुरुआत भी बना।
