सनातन धर्म के खिलाफ साजिश रच बदनाम करने की कोशिश : स्वामी रामदेव
punjabkesari.in Thursday, Oct 29, 2026 - 08:13 AM (IST)
हरिद्वार (विशेष): पतंजलि विश्वविद्यालय में आगामी 29 से 31 अक्तूबर 2026 को आयोजित 52वें अखिल भारतीय प्राच्य विद्या सम्मेलन के सन्दर्भ में स्वामी रामदेव महाराज तथा श्रद्धेय आचार्य बालकृष्ण महाराज के सान्निध्य में दिव्य योग मंदिर, कृपालु बाग आश्रम, कनखल में एक प्रैसवार्ता आयोजित की गई।
स्वामी रामदेव ने कहा कि सनातन धर्म के खिलाफ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गहरी साजिश की जा रही है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम और माता सीता को मद्यपान और मांसाहार करने वाला कह कर, आदि योगी, महायोगी भगवान शिव को नशेड़ी, गजेड़ी कह कर, गांजा फूंकने वाला कह कर, भगवान कृष्ण को रास लीलाओं के नाम पर विलासिता करने वाला कह कर और देवी-देवताओं को दुराचारी कह कर सनातन को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
विगत 1000 सालों में मुगलों व अंग्रेजों द्वारा सनातन को बदनाम करने के लिए सनातन धर्म के ही कुछ शास्त्रों में जानबूझकर मिलावट की गई है। इन्हीं मिलावटी शास्त्रों का आश्रय लेकर मनुस्मृति सहित अलग-अलग स्मृति ग्रंथों, ब्राह्मण ग्रंथों, आरण्यक ग्रंथों और मूलतः 18 पुराणों में सनातन धर्म के ऊपर आरोप लगाने के लिए प्रक्षेप (मिलावट) कर दिया गया। इतने घिनौने आरोप लगाए गए हैं कि सनातन धर्म के प्रति हमारी आने वाली पीढ़ियों को घृणा नफरत हो जाए।
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