Saturn Rise 2023: 5 मार्च को शनि हुए उदय, कुंभ राशि वालों के खर्चों में होगी वृद्धि
punjabkesari.in Wednesday, Mar 08, 2023 - 09:19 AM (IST)
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Shani rashi parivartan शनि राशि परिवर्तन: शनि देव ने 17 जनवरी को गोचर किया था कुंभ राशि में और उसके बाद कुछ राशियों के ऊपर शनि की साढ़ेसाती शुरू हुई है और कुछ राशियों के ऊपर से शनि का प्रभाव कम हुआ है। 17 के बाद 30 को शनि अस्त हो गए और अब दोबारा से 5 मार्च को उदय हो चुके हैं और ये गोचर बहुत ही महत्वपूर्ण होगा क्योंकि 30 साल बाद शनि कुम्भ राशि में प्रवेश करेंगे। शनि देव की दो राशियां है मकर और कुंभ राशि। शनिदेव का प्रिय घर कुम्भ राशि है। शनि का उदय होना इसलिए ज्यादा अहम है क्योंकि शनि 31 साल बाद कुंभ राशि में प्रवेश के दौरान शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। शनिदेव जब राहु के नक्षत्र में जाएंगे तो पूरे प्रभावी हो जाएंगे। शतभिषा नक्षत्र कर्म फल देने वाला नक्षत्र है। इसके अच्छे फल देखने को मिलेंगे। 15 अक्टूबर तक शनि इसी नक्षत्र में रहेंगे। इसके बाद फिर धनिष्ठा में जाएंगे और 24 नवंबर को दोबारा शतभिषा में आएंगे। इस नक्षत्र में रहने के दौरान शनि कर्म के हिसाब से फल देंगे।
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कुम्भ राशि: शनिदेव कुम्भ राशि के स्वामी हैं। ये उनकी मूल त्रिकोण राशि है। मूल त्रिकोण राशि वह राशि होती है, जो ग्रह को ज्यादा प्रिय होती है। कुम्भ राशि के लिए शनि की दूसरी ढैया चल रही है। थोड़ी सी परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। शनिदेव आपकी कुंडली में बाहरवें भाव के स्वामी बनते हैं। यदि दशा या अंतर्दशा चल रही है तो लग्नेश के भी फल करेंगे। हालांकि चंद्रमा के ऊपर से शनि का गोचर अच्छा नहीं होता। शनि बारहवें भाव के स्वामी हैं। बाहरवां भाव खर्चे का भाव होता है। हो सकता है फालतू के खर्चो का सामना करना पड़े। शनिदेव की दृष्टि तीसरे भाव पर पड़ेगी। तीसरा भाव छोटे भाई का भाव होता है। अगले दो साल तक हो सकता है आप कंफ्यूज रहें। फैसला लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। शनिदेव की दृष्टि सप्तम पर पड़ रही है, यदि आप सिंगल हैं तो शादी में देरी हो सकती है। यदि आप मैरिड हैं तो शनि सामने से सप्तम को देख रहे हैं। पत्नी की सेहत को लेकर थोड़ी परेशानी झेलनी पड़ेगी। शनिदेव जब चंद्रमा के ऊपर से जाएंगे तो कर्म स्थान को देखेंगे। यहां से कर्म, जॉब, बिजनेस सब देखा जाता है। इन कामों में देरी देखने को मिलेगी।
नरेश कुमार
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