Saraswati Mata Ki Aarti : बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की इस आरती के साथ करें दिन की शुरुआत, मिलेगा विद्या और बुद्धि का अटूट वरदान

punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 02:02 PM (IST)

Saraswati Mata Ki Aarti : हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष यह शुभ तिथि 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को पड़ रही है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन ज्ञान, वाणी और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। यही कारण है कि इस दिन को विद्यारंभ और नई शुरुआत के लिए अबूझ मुहूर्त माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि किसी भी पूजा की पूर्णता उसकी आरती से होती है। बसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र धारण कर, विधि-विधान से मां सरस्वती की पूजा करने के पश्चात 'ओम जय सरस्वती माता' आरती का गान करने से साधक को न केवल बौद्धिक क्षमता का वरदान मिलता है, बल्कि जीवन से अज्ञानता का अंधकार भी दूर होता है। विशेषकर विद्यार्थियों और कला जगत से जुड़े लोगों के लिए यह दिन मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने का सबसे सुनहरा अवसर है। तो आइए इस बसंत पंचमी पर हम भी पूरे श्रद्धा भाव से वीणावादिनी की आरती करें और अपने जीवन को ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करें।

Saraswati Mata Ki Aarti

सरस्वती पूजा मंत्र

या देवी सर्वभूतेषु विद्यारूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

ॐ ऐं वाग्देव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि।
तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम्कारी
वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा।

ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः।

ॐ ऐं महासरस्वत्यै नमः।

सरस्वती माता की आरती

ॐ जय सरस्वती माता,मैया जय सरस्वती माता।

सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता॥

Saraswati Mata Ki Aarti

जय सरस्वती माता॥

चन्द्रवदनि पद्मासिनि,द्युति मंगलकारी।

सोहे शुभ हंस सवारी,अतुल तेजधारी॥

जय सरस्वती माता॥

बाएं कर में वीणा,दाएं कर माला।

शीश मुकुट मणि सोहे,गल मोतियन माला॥

जय सरस्वती माता॥

देवी शरण जो आए,उनका उद्धार किया।

पैठी मंथरा दासी,रावण संहार किया॥

जय सरस्वती माता॥

विद्या ज्ञान प्रदायिनि,ज्ञान प्रकाश भरो।

मोह अज्ञान और तिमिर का,जग से नाश करो॥

जय सरस्वती माता॥

धूप दीप फल मेवा,माँ स्वीकार करो।

ज्ञानचक्षु दे माता,जग निस्तार करो॥

जय सरस्वती माता॥

माँ सरस्वती की आरती,जो कोई जन गावे।

हितकारी सुखकारीज्ञान भक्ति पावे॥

जय सरस्वती माता॥

जय सरस्वती माता,जय जय सरस्वती माता।

सदगुण वैभव शालिनी,त्रिभुवन विख्याता॥

जय सरस्वती माता॥

Saraswati Mata Ki Aarti

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Sarita Thapa

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