रूसी स्कूलों में किशोरों को पादरी पढ़ा रहे कौमार्य का पाठ

punjabkesari.in Tuesday, Jul 28, 2026 - 02:34 PM (IST)

मॉस्को (विशेष) : रूस में ऑर्थोडोक्स (रूढ़ीवादी) पादरी अब स्कूलों में बच्चों को कौमार्य का पाठ पढ़ा रहे हैं। खासकर 9वीं से 11वीं कक्षा के किशोर छात्र और छात्राओं को लक्षित कर शादी से पहले संयम को बढ़ावा देने के लिए कौमार्य और ब्रह्मचर्य को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। 

रूस में गिरती जन्मदर को रोकने और पारंपरिक पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए क्रेमलिन ने यह नई नीति अपनाई है। अब किशोरों को पारंपरिक सेक्स एजुकेशन की बजाय रूस के स्कूलों में फैमिली स्टडीज कोर्स शुरू किया गया है। इसमें शादी, माता-पिता बनने और परिवार की पारंपरिक भूमिकाओं पर जोर दिया जा रहा है। सेंट पीटर्सबर्ग के एक स्कूल में पादरी छात्राओं को पढ़ा रहे हैं कि कौमार्य खोना कीचड़ में गिरे हुए ताज की तरह है। रूस में दो दशक में प्रजनन दर सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। 

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Content Writer

Niyati Bhandari