Raksha Bandhan 2026 : राखी बांधने का सुबह नहीं मिला समय? जानें किस पहर में भाई को बांध सकती हैं राखी
punjabkesari.in Thursday, Aug 27, 2026 - 06:39 PM (IST)
Raksha Bandhan 2026 : रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक है। वैसे तो बहने अपने भाई की कलाई पर शुभ मुहूर्त देखकर ही राखई बांधती है। लेकिन कई बार कामकाज में व्यस्त होने के कारण, यात्रा या भद्रा काल के कारण बहनों को सुबह के समय राखी बांधने का अवसर नहीं मिल पाता। अगर आप भी सुबह के शुभ मुहूर्त में अपने भाई को राखी नहीं बांध पाई हैं, तो पूरे दिन में कई ऐसे शुभ मुहूर्त आते हैं, जिनमें भाई की कलाई में रक्षासूत्र बांधना बहुत मंगलकारी और फलदायी माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि वो कौन सा पहर हैं, जिनमें भाई को राखी बांधी जा सकती है।
सुबह का समय छूटने पर किस पहर में बांधें राखी?
दोपहर का समय
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, रक्षाबंधन के राखी बांधने के लिए दोपहर का समय सबसे उत्तम और शुभ माना जाता है। यदि सुबह का मुहूर्त निकल जाए, तो दोपहर में शुभ चौघड़िया देखकर राखी बांधी जा सकती है।
शाम के समय
अगर किसी कारण सुबह और दोपहर का समय भाई को राखी बांधने के लिए छुट गया है, तो घबराने की कोई बात नहीं हैं, आप शाम के समय सूर्यास्त के आसपास भाई की कलाई में रक्षासूत्र बांध सकते हैं। इस समय पूजा-पाठ करने से भगवान शिव और माता पार्वती की खास कृपा प्राप्त होती है।
अभिजीत मुहूर्त
दिन के मध्य में आने वाला अभिजीत मुहूर्त किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत फलदायी होता है। इस समय बिना किसी हिचकिचाहट के भाई को तिलक लगाकर राखी बांधी जा सकती है।
किस समय राखी बांधने से बचें?
भद्रा काल का त्याग करें
शास्त्रों में भद्रा काल के दौरान राखी बांधना पूरी तरह से वर्जित माजा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, भद्रा समय में बांधी गई भाई को राखी अशुभ फल देती है। इसलिए भाई को राखी बांधने से पहले भद्रा समय का खास ध्यान रखें।
राहुकाल का ध्यान रखें
दिन के जिस डेढ़ घंटे में राहुकाल रहता है, उस समय भी कोई भी मांगलिक कार्य या राखी बांधने से बचना चाहिए।
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