आबादी की जमीन पर नमाज की अनुमति से हाईकोर्ट का इनकार

punjabkesari.in Sunday, May 03, 2026 - 12:54 PM (IST)

प्रयागराज (प.स.): इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने संभल जिले के एक गांव में आबादी की जमीन पर नमाज अदा करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने संबंधित याचिका खारिज करते हुए कहा कि सार्वजनिक भूमि पर नई धार्मिक व्यवस्था शुरू करने या उसका विस्तार करने को संवैधानिक संरक्षण नहीं दिया जा सकता है। 

न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने स्पष्ट किया कि धर्म का अधिकार सार्वजनिक व्यवस्था के अधीन है और इसका उपयोग इस तरह नहीं किया जा सकता जिससे जनजीवन प्रभावित हो। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक भूमि आम उपयोग के लिए होती है और कोई भी व्यक्ति इसे नियमित धार्मिक स्थल के रूप में उपयोग करने का दावा नहीं कर सकता। 

साथ ही, राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। याचिकाकर्त्ता ने संपत्ति पर स्वामित्व का दावा करते हुए नमाज की अनुमति और सुरक्षा की मांग की थी, जबकि राज्य सरकार ने इसे सार्वजनिक भूमि बताते हुए विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद याचिका खारिज कर दी।

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Content Editor

Sarita Thapa

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