Market Astrology (26 अगस्त से 1 सितम्बर तक): आने वाले सप्ताह में सितारों का मार्कीट पर प्रभाव

punjabkesari.in Wednesday, Aug 26, 2026 - 08:27 AM (IST)

Market Astrology: आलोच्य सप्ताह (26 अगस्त से 1 सितम्बर तक) के दौरान न तो कोई सितारा अपना राशि परिवर्तन करता है और न ही कोई पोजीशन चेंज करता है, इसलिए ग्रह योग किसी बदलाव के बगैर ज्यूं का त्यूं ही बना रहेगा, अलबत्ता सप्ताह के उत्तरार्ध में बुध तथा सूर्य नक्षत्र पर अपनी स्थिति जरूर बदलते हैं। इस सप्ताह अपरिवर्तित ग्रह योग तथा सितारों की सामूहिक पोजीशन को देखने से मालूम देता है कि बेशक मार्कीट रुख में किसी बदलाव की आशा तो नहीं दिखती, तो भी चलती मार्कीट में उठापटक की संभावनाओं को खारिज नहीं किया जा सकता।

ख्याल तो मोटे तौर पर मजबूती का रुख बना रहने का है तो भी तेजी के रुख में ज्यादा स्थिरता की उम्मीद न होगी इसलिए लिमिट में काम रखने वाले रिएक्शन में नुकसान के खतरे से सुरक्षित रहेंगे। वैसे 31 अगस्त को मजबूती का रिएक्शन आ सकता है।
तेल सोया, तेल मूंगफली, सरसों, अलसी, तोरिया, तिल, तेल, बिनौला, अरंडी, खल, सींगदाणा, मेंथा, पिपरामैंट एवं अन्य तेल पदार्थों एवं वनस्पति इत्यादि में जनरल रुझान मजबूती का रहेगा, किंतु मजबूती के रुख में शायद ज्यादा दम न होगा। वैसे 31 अगस्त को जोरदार घटा-बढ़ी की आशा। कॉटन, पटसन, रुई, कपास, सन्न, सूत, सिल्क, स्टैपल, ऊनी, सूती, रेशमी कपड़े तथा यार्न इत्यादि में उठा-पटक के बीच मजबूती का ट्रैंड बना रहेगा। शेयर मार्कीट में 24 अगस्त वाला रुख मोटे तौर पर मार्कीट में अपनी पकड़ बनाए रखेगा। वैसे 31 अगस्त 1 सितम्बर दोनों दिन मार्कीट स्टेबल सी रहेगी।

सोना, चांदी, हीरे, जवाहरात, बहुमूल्य पत्थरों, बहुमूल्य धातुओं इत्यादि में जनरल रुझान मजबूती का तो रहेगा मगर रेटों में शायद ज्यादा स्टेबिलिटी न रहेगी यानी कि मार्कीट ऊपर से नीचे तथा फिर नीचे से ऊपर आती-जाती रहेगी। 31 अगस्त, 1 सितम्बर दोनों दिन रेट संभले-संभले से रहेंगे। गुड़, चीनी, शक्कर तथा अन्य मीठी रसदार वस्तुओं तथा मिश्री इत्यादि में तेजी का रुख तो रहेगा किंतु तेजी में ठहराव कम दिखाई देता है इसलिए संभल-संभाल कर काम करना चाहिए।  

गेहूं, गवारा, मटर, मक्की, चने, जौ, बाजरा, अरहर, मूंग, मास तथा अन्य  अनाज पदार्थों एवं दालों इत्यादि में जनरल रुख मजबूती का रहेगा, मगर तेजी में ज्यादा दम न होगा। बीच में 31 अगस्त को रेट मजबूत बनेंगे। हाजिर मार्कीट में लवाल-बिकवाल दोनों काम करने से बचेंगे, क्योंकि मार्कीट में स्थिरता का अभाव दिखेगा। रेट अप एंड डाऊन होते रहेंगे।

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Content Writer

Niyati Bhandari