Mahabharat Characters and Numerology : आपके मूलांक से तय होता है महाभारत का किरदार, जानें 1 से 9 तक का रहस्य
punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 12:40 PM (IST)
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Mahabharat Characters and Numerology : अंकशास्त्र एक ऐसा विज्ञान है जो आपके जन्म की तारीख के जरिए आपके व्यक्तित्व की गहराइयों को उजागर करता है। महाभारत के पात्र मानवीय भावनाओं और प्रवृत्तियों के सबसे बड़े प्रतीक हैं। आपके जन्म की तारीख से निकलने वाला मूलांक यह बता सकता है कि आपका स्वभाव महाभारत के किस महान पात्र से मेल खाता है। यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1 से 31 तारीख के बीच हुआ है, तो अपनी जन्मतिथि के अंकों को जोड़कर अपना मूलांक जानें (जैसे: 25 तारीख = 2+5 = 7) और देखें कि आप किसके जैसे हैं:
मूलांक 1: सूर्य का प्रभाव
(यदि जन्म 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ हो) मूलांक 1 का स्वामी सूर्य है, जो नेतृत्व और सत्य का प्रतीक है। आप युधिष्ठिर की तरह नीतिवान, मर्यादित और सिद्धांतों के पक्के हैं। आप हमेशा सच का साथ देते हैं और मुश्किल समय में भी धैर्य नहीं खोते। युधिष्ठिर की तरह कभी-कभी अति-ईमानदारी या जुए जैसे जोखिम भरे फैसलों से आपको नुकसान हो सकता है।

मूलांक 2: चंद्रमा का प्रभाव
(यदि जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ हो) चंद्रमा शांति और भावुकता का प्रतीक है। आप महात्मा विदुर की तरह बुद्धिमान, न्यायप्रिय और शांत स्वभाव के हैं। आप विवादों को सुलझाने में माहिर हैं और समाज के कल्याण की सोचते हैं। आपकी सलाह को लोग बहुत महत्व देते हैं। अत्यधिक भावुकता और संकोच आपको अपनी बात स्पष्ट रूप से कहने से रोक सकती है।
मूलांक 3: गुरु का प्रभाव
(यदि जन्म 3, 12, 21 या 30 तारीख को हुआ हो) बृहस्पति (गुरु) ज्ञान और अनुशासन का कारक है। आपका व्यक्तित्व गुरु द्रोणाचार्य से प्रेरित है। आप अपने क्षेत्र में निपुण हैं और दूसरों को सिखाने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। आप अनुशासन प्रिय और लक्ष्य के प्रति समर्पित हैं। कभी-कभी अपने प्रियजनों के प्रति अत्यधिक मोह आपके लिए पतन का कारण बन सकता है।
मूलांक 4: राहु का प्रभाव
(यदि जन्म 4, 13, 22 या 31 तारीख को हुआ हो) राहु क्रांतिकारी बदलाव और संघर्ष का प्रतीक है। आपका जीवन दानवीर कर्ण की तरह संघर्षपूर्ण लेकिन तेजस्वी है। आप अपनी काबिलियत के दम पर शून्य से शिखर तक पहुंचते हैं। आप दोस्ती के लिए कुछ भी कुर्बान कर सकते हैं और बहुत दानी स्वभाव के हैं। गलत संगति और अपनी पहचान साबित करने की जिद आपको नुकसान पहुंचा सकती है।

मूलांक 5: बुध का प्रभाव
(यदि जन्म 5, 14 या 23 तारीख को हुआ हो) बुध बुद्धि और कूटनीति का स्वामी है। आपका व्यक्तित्व योगेश्वर श्री कृष्ण की तरह बहुमुखी और चतुर है। आप किसी भी समस्या का समाधान निकालने में माहिर हैं। आपकी वाणी मधुर है और आप अपनी बुद्धि से कठिन से कठिन परिस्थिति को बदल देते हैं। चंचलता और एक समय पर कई काम करने की आदत आपको थका सकती है।
मूलांक 6: शुक्र का प्रभाव
(यदि जन्म 6, 15 या 24 तारीख को हुआ हो) शुक्र आकर्षण, कला और स्वाभिमान का कारक है। आप द्रौपदी की तरह प्रखर, स्वाभिमानी और न्याय की मांग करने वाले हैं। आप अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जानते हैं। आपका व्यक्तित्व बहुत आकर्षक होता है और आप कला प्रेमी होते हैं। आपका तेज क्रोध और बदला लेने की भावना कभी-कभी अशांति पैदा कर सकती है।
मूलांक 7: केतु का प्रभाव
(यदि जन्म 7, 16 या 25 तारीख को हुआ हो) केतु रहस्य और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। आप अश्वत्थामा की तरह अजेय शक्ति और रहस्यों से भरे हुए हैं। आप बहुत गहरा सोचते हैं और आपके पास ऐसी शक्तियां या हुनर होते हैं जो दूसरों के पास नहीं। आप हार नहीं मानते। प्रतिशोध की भावना और अतीत में जीना आपके मानसिक सुख को छीन सकता है।
मूलांक 8: शनि का प्रभाव
(यदि जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ हो) शनि न्याय, कर्म और दृढ़ संकल्प का स्वामी है। आपका स्वभाव गंगापुत्र भीष्म की तरह है। आप अपनी प्रतिज्ञा के पक्के हैं। आप बहुत परिश्रमी हैं और अकेले चलने का साहस रखते हैं। आप परंपराओं का सम्मान करते हैं। आपकी जिद या पुरानी सोच कभी-कभी आपको समय के साथ बदलने से रोक सकती है।
मूलांक 9: मंगल का प्रभाव
(यदि जन्म 9, 18 या 27 तारीख को हुआ हो) मंगल साहस और ऊर्जा का कारक है। आप भीम की तरह बलशाली, निडर और ऊर्जावान हैं। आप अपनों की रक्षा के लिए किसी से भी टकरा सकते हैं। आप बहुत साहसी हैं और शारीरिक रूप से बहुत मजबूत होते हैं। बिना सोचे-समझे किया गया क्रोध और जल्दबाजी आपके काम बिगाड़ सकती है।

