करतारपुर कॉरिडोर को लेकर उठी बड़ी मांग, 20 डॉलर शुल्क खत्म करने की अपील
punjabkesari.in Sunday, May 31, 2026 - 08:49 AM (IST)
गुरदासपुर/लाहौर(विनोद): विश्वभर के सिख समुदाय के लिए गुरुद्वारा करतारपुर साहिब केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और भावनाओं का भी केंद्र है। यही वह पवित्र धरती है जहां सिखों के पहले गुरु गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन का अंतिम समय खेती करते हुए व्यतीत किया और मानवता, सेवा तथा भाईचारे का संदेश दिया।
पाकिस्तान सरकार और वहां के वक्फ बोर्ड द्वारा करतारपुर साहिब के दर्शन के लिए भारतीय श्रद्धालुओं से 20 डॉलर तथा एन.आर.आई. श्रद्धालुओं से 5 डॉलर शुल्क वसूलना लंबे समय से विवाद का विषय रहा है। पाकिस्तान के कुछ प्रमुख सिख नेताओं ने बीते दिनों लाहौर में एक मीटिंग कर पाकिस्तान सरकार की इस जजिया उग्राही का विरोध किया तथा भारत व पाकिस्तान सरकार से फिर से करतारपुर कॉरीडोर खोलने की मांग की। मीटिंग में सर्वसम्मति से यह पास किया गया कि पाकिस्तान की 20 डालर जजिया लेने की नीति उस मानसिकता को उजागर करती है जो आज भी धार्मिक स्थलों को श्रद्धा नहीं बल्कि कमाई और नियंत्रण का साधन मानती है।]
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