Jupiter Transit 2026 in Cancer : कर्क में गुरु, वृष राशि पर बरसेगा धन

punjabkesari.in Monday, Apr 20, 2026 - 01:40 PM (IST)

Jupiter Transit 2026 in Cancer : गुरु उच्च के होने जा रहे हैं। गुरु कर्क राशि में आएंगे। ऐसा इवेंट 12 साल बाद होता है क्योंकि गुरु का जो राशि चक्र है, गुरु एक साल में राशि पूरी करते हैं। 12 साल बाद घूम के अपनी कर्क राशि यानी कि जो उच्च राशि है वहां पर आते हैं, तो इस साल यह अच्छी चीज होने जा रही है। यह ब्लेसिंग वाली चीज है। बहुत सारी राशियों के लिए ब्लेसिंग वाली चीज है। 2 जून गुरु कर्क में आएंगे। हालांकि गुरु एक साल में एक राशि पूरी करते हैं। लेकिन गुरु इन दिनों शीघ्रगामी गति से चल रहे हैं, गुरु इसी साल में ही 31 अक्टूबर को सिंह में आ जाएंगे दोबारा। ऐसा नहीं है कि गुरु का गोचर छ महीने का हो गया या पांच महीने का हो गया। यहां पर सिंह में आएंगे, वक्री होंगे, मार्गी होंगे। फिर 24 जून को फिर 24 जनवरी को 2027 को फिर दोबारा कर्क में आ जाएंगे। फिर रहेंगे 24 जून तक कर्क में। तो साइकिल पूरा साल का है लेकिन इन तीन महीनों में नवंबर का महीना पूरा है दिसंबर का है। जनवरी के 24 दिन है। इन तीन महीनों में सिंह में रहेंगे। लेकिन टोटल कर्क राशि में ही 9 महीने रहेंगे। 

गुरु का गोचर कुंडली में दूसरे भाव में, पांचवें भाव में, सातवें भाव में, नौवें भाव में और 11वें भाव में अच्छा होता है। गुरु इतने इंपॉर्टेंट ग्रह हैं। आपकी कुंडली में 12 भाव होते हैं। दूसरा भाव धन का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। पांचवा इजी गेंस का बुद्धि विवेक का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। हायर एजुकेशन का यह भाव होता है। उसके कारक गुरु है। नाइंथ हाउस आपका भाग्य स्थान होता है। अध्यात्म से जुड़ा हुआ भाव होता है। आपकी लाइफ में जितना भी कुछ आता है, यह नाइंथ हाउस कुंडली का सबसे बेस्ट भाव होता है। उसके कारक गुरु हैं। 11वां भाव जो आपकी आय का भाव होता है उसके कारक गुरु हैं।
यदि यह गुरु अच्छे गोचर में रहते हैं तो बहुत फायदा मिलता है। आप इसका अंडरस्टैंडिंग कर सकते हैं। क्योंकि ज्ञान के कारक, संतान के कारक, धन के कारक, भाग्य के कारक सबके कारक गुरु ही है, तो गुरु का यह गोचर 12 राशियों के लिए कैसा फल लेकर आएगा। इसके बारे में जानेंगे। आपको आपकी राशि के बारे में सब कुछ बताया जाएगा कि कहां पर गुरु की दृष्टि आएगी। किसके लिए फल अच्छा रहेगा, किसके लिए फल खराब रहेगा। आपने देखा कि गुरु कितने इंपॉर्टेंट ग्रह हैं। 

वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के ऊपर इस गोचर का क्या असर होगा। अगली राशि वृषभ राशि है। वृषभ राशि शुक्र की राशि है। गुरु यहां पर अच्छा फल नहीं करते। नॉर्मली अपनी दिशाओं में अच्छा फल इसलिए नहीं करते क्योंकि शुक्र की राशि के लिए गुरु अष्टमेश हो जाते हैं और गुरु जब अष्टमेश है। क्योंकि मूल त्रिकोण राशि आपके लिए अष्टम भाव में आ जाएगी। अष्टम के फल जो है, वो कर जाते हैं लेकिन यहां पर तीसरे भाव में गुरु का गोचर होगा। हालांकि तीसरे भाव का गुरु का गोचर शास्त्र में अच्छा नहीं बताया गया। लेकिन जहां-जहां देखेंगे वहां के फल अच्छे कर जाएंगे। अब तीसरे भाव में बैठे हैं, तो दृष्टि सप्तम के ऊपर है। शादी वाला भाव एक्टिव हो जाएगा। बिजनेस पार्टनर का भाव एक्टिव हो जाएगा। यदि कोई काम बिजनेस पार्टनरशिप में करना चाहते हैं, तो पार्टनर आपको मिल सकता है। मैरिज नहीं हुई है तो मैरिज हो सकती है। आध्यात्म की तरफ आपका ध्यान बढ़ता हुआ नजर आएगा क्योंकि नौवें भाव के ऊपर गुरु की दृष्टि आ जाएगी। नौवां भाव आपका एक्टिव हो जाएगा। भाग्य स्थान का एक्टिव होना आपकी लाइफ में बहुत सारी चीजें आसान कर देता है।

गुरु का यह गोचर नाइंथ हाउस को एक्टिव करेगा, सेवंथ को करेगा। आपके 11वें भाव को भी एक्टिव करेगा। यह आपकी आय का भाव होता है। यह एलिवेशन का भाव है। यह तरक्की का भाव है। कर्म देखा जाता है दशम से। कर्म का फल देखा जाता है 11 से। गुरु यहां पर बैठेंगे तीसरे भाव में और आपके इन तीनों भावों को एक्टिव करेंगे। केंद्र का भाव भी एक्टिव, 11वां भाव भी एक्टिव, त्रिकोण का भाव भी एक्टिव। यहां पर आपको इसका फायदा मिलता हुआ नजर आएगा। वृषभ राशि के जातकों के लिए तीसरे भाव में। यदि आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर है, तो गुरु की स्थिति को इंप्रूव करने के लिए कुछ रेमेडीज शास्त्रों में दी गई है। 

उपाय- मान लीजिए अगर आपका गुरु राहु केतु एक्सिस पर है। गुरु लग्न कुंडली के छठे, आठवें 12वें में पड़ा हुआ है। गुरु शनि मंगल से पीड़ित है या गुरु खराब स्थिति में है, रेट्रोगेशन में है, अस्त है, तो ऐसे में गुरु से जुड़ी आपको गुरु की रेमेडीज़ जरूर करनी चाहिए। अपने टीचर की रिस्पेक्ट करिए। सबसे अच्छी रेमेडी क्योंकि गुरु है वो। दूसरा गुरु की रेमेडी होती है। गुरु ज्ञान के कारक है, तो किसी एक बच्चे को आप स्टडी में हेल्प करिए। कोई मैटर नहीं करता कि आप किस तरीके से हेल्प कर रहे हैं। आप उसको अपनी नॉलेज शेयरिंग के रूप में भी कर सकते हैं। कोई बच्चा मान लीजिए कोई पढ़ना चाहता है। उसको आपके पास समय है। आप उसको एक सब्जेक्ट में असिस्ट कर सकते हैं। ₹10 की पेंसिल लेके दे सकते हैं। स्कूल का बैग लेके दे सकते हैं। स्कूल की यूनिफार्म ले लेके दे सकते हैं। स्टेशनरी लेके दे सकते हैं या उसकी स्टडी में हेल्प कर सकते हैं। यह गुरु का ही काम है। 

किसी को ज्ञान देना, किसी को ज्ञान में हेल्प करना यह गुरु का काम है। यह इजी रेमेडी है, जो आसानी से की जा सकती हैं। इसके अवाला गुरु के जो मंत्र्रास होते हैं ओम ब्रह्म बृहस्पताए नमः उसका जप किया जा सकता है। पीले फूल दान किए जा सकते हैं। पीला कपड़ा दान किया जा सकता है या फिर आप यह कर सकते हैं कि गुरु का स्टोन पहन सकते हैं। यदि बहुत कुछ नहीं करना चाहते तो अगर आपके पास पैसा है तो पुखराज पहन लीजिए। इस पुखराज को अपनी इंडेक्स फिंगर में डालें। लेकिन पुखराज तभी  पहनें यदि आपकी कुंडली में गुरु 6, 8, 12 में नहीं बैठे। यदि गुरु 6, 8, 12 में है लग्न कुंडली में तो छठे आठवें 12वें का प्रभाव ले जाएगा। फिर वह पुखराज आपके लिए नेगेटिव फल भी कर सकते हैं। यदि कुंडली में गुरु की स्थिति अच्छी नहीं है। 

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Content Editor

Sarita Thapa

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