June 2026 Market Prediction : जून में Gold-Silver की वापसी

punjabkesari.in Friday, Jun 05, 2026 - 12:21 PM (IST)

June 2026 Market Prediction : जून का महीना जो है वो एस्ट्रोलॉजिकल जो ट्रांजिशंस हैं। गोचर के लिहाज से बहुत इंपॉर्टेंट है और साल 2026 का यह महीना बहुत पॉजिटिव होने वाला है। कारण यह है कि गुरु कर्क राशि में आ जाएंगे। कर्क राशि गुरु की उच्च राशि है। यह बहुत बड़ा इवेंट है। साल के लिहाज से 31 अक्टूबर तक गुरु यहीं पर रहेंगे और कर्क राशि चांदी की प्रतिनिधि राशि है। गुरु का यहां पर होना अल्टीमेटली चांदी में जो है अच्छी मूवमेंट लेकर आएगा। लेकिन यहां पर सिर्फ गुरु नहीं आ रहे, बल्कि 2 जून को यहां पर गुरु का गोचर होगा। इसके साथ 8 जून को शुक्र यहां पर आ जाएंगे। शुक्र जो है वह चांदी के कारक हैं। गुरु सोने के कारक हैं। यहां पर बुध भी आ जाएंगे। यह बुध ट्रेड के कारक हैं। यह जो तीनों का कंजक्शन बनेगा यह लगभग 12 दिन के लिए होगा। 22 जून के आसपास यहां पर बुध आएंगे और गुरु और शुक्र यहां पर पहले गोचर कर रहे होंगे और 22 को यहां पर यह भी गोचर कर जाएंगे।

इन तीन ग्रहों का गोचर करना कर्क राशि में जो चांदी की प्रतिनिधि राशि है और दो प्लनेट जो सोने और चांदी को रिप्रेजेंट करते हैं। गुरु और शुक्र और साथ में मरकरी जो ट्रेड का कारक है। अल्टीमेटली जून जो है वह मई के मुकाबले काफी बेटर रहने वाला है। बुलियंस के मुकाबले यह एक वन लाइन बहुत तेज़ रहेगा लेकिन कुछ इंपॉर्टेंट डेट्स उन इंपॉर्टेंट डेट्स को भी ध्यान रखेंगे, टाइम को भी ध्यान रखेंगे। यह जो इवेंट है मींस यह तो तीन इवेंट है। एक तो गुरु का गोचर, 2 और 8 को शुक्र का गोचर। फिर 22 को बुध का गोचर। इसी बीच में 15 को जो है वो मिथुन राशि में सूर्य का गोचर और मंगल का गोचर 21 रात को यानी कि लगभग 22 को यह भी हो जाएगा। यह 2 तारीख, 8 तारीख, 15 तारीख और 22 तारीख ये चार डेट्स बड़ी इंपॉर्टेंट है। पांच बड़े ग्रह गोचर कर रहे हैं। छठा चंद्रमा तो हर ढाई दिन में या सवा दो दिन में राशि बदलता है 54 आवर में। 

राहु अपनी राशि नहीं बदलेगा, केतु नहीं बदलेगा और शनि नहीं बदलेगा। ये तीन बड़े ग्रह नहीं बदलेंगे। तो मोटे तौर के ऊपर सारे ग्रह बदल जाएंगे। इसमें पॉजिटिव कॉम्बिनेशन ज्यादा है। यहां पर 2 जून को सबसे पहले जो है वो 2 बजकर 25 पे गुरु जो है वो कर्क राशि में आ गए हैं। यह 1 जून मध्य रात्रि 22 बजकर 25 मिनट पर हुआ है। यहां से आपको गोल्ड और सिल्वर दोनों में मूवमेंट होती हुई नजर आनी चाहिए। लेकिन 2 जून की सुबह 2 बजकर 25 मिनट को गुरु अपनी चाल बदल चुके हैं। 4 घंटे के भीतर सुबह 6 बजकर 14 मिनट पर बुध जो है वो आर्द्रा में आ चुके हैं। राहु के नक्षत्र में बुध का आना वोलेटिलिटी करता है। तो 2 जून का मींस यह नहीं है कि 2 जून को गुरु गोचर कर चुके हैं, तो उसी दिन से तेजी शुरू हो जाएगी। इसी दिन बुध भी बदल चुके हैं और बुध का बदलना नक्षत्र बदलना और राशि बदलना दोनों टाइम के ऊपर बुध मूवमेंट लेकर आते हैं। जब राहु के नक्षत्र में है भ्रामक समाचार के कारण कुछ न कुछ गड़बड़ हो सकती है। 2 जून का जो है वह बहुत वो टाइल सेशन हमें देखने को मिला है क्योंकि दो बड़े प्लनेट एक नक्षत्र बदल चुके हैं क्योंकि एक राशि बदल चुका है। 

8 जून को सोमवार के दिन शाम को 5 बजकर 47 मिनट पर शुक्र जो है वह कर्क राशि में आ जाएंगे। जैसे ही यहां पर शुक्र आएंगे, गुरु यहां पर गोचर कर रहे हैं। कर्क राशि में है। चांदी की प्रतिनिधि राशि है। गुरु गोल्ड के कारक हैं। वीनस चांदी के कारक हैं। यहां पर शाम का सेशन वोलेटाइल रह सकता है। और बहुत ध्यान से ट्रेड करेंगे। इस समय को याद रखिएगा। यह 8 जून है। 11 जून को जो है वह थर्सडे है। 11 बजकर 30 मिनट पर बुध पुनर्वसु में नक्षत्र एंटर करेंगे। पुनर्वसु गुरु का नक्षत्र है अगेन और यहां पर एक बार फिर सुबह 11 बजकर 30 मिनट प थर्सडे को 11 जून को थोड़ा सा आपको डाउन साइड देखने को मिल सकता है। यह बाजार के समय यह थोड़ा सा ध्यान रखिएगा। 11 जून को ही 2 बजकर 11 मिनट पर शुक्र पुष्यम में आएंगे। यहां पर पुष्य में शुक्र का आना थोड़ा सा डाउन साइड दिखा सकता है। 

11 जून जब दो 3 घंटे के भीतर शुक्र और बुध दोनों का नक्षत्र परिवर्तन होगा। यह ध्यान में रखने वाली डेट होगी। 15 जून को 12 बजकर 58 मिनट पर दोपहर के समय सूर्य जैमिनी में एंटर करेंगे। जैमिनी जो है वो बुध की राशि है और बुध ट्रेड के कारक है। यहां पर सूर्य का आना तेजी का कारक है और अल्टीमेटली जब तक यहां पर सूर्य रहेंगे एक बार बुलियंस में तेजी जरूर लेकर आएंगे। सूर्य गोल्ड के कारक ग्रह हैं। बुध की राशि में आना अल्टीमेटली यह तेजी ला सकता है। 16 जून 2026 को 9 बजकर 40  मिनट पर मंगल कृतिका में आ जाएंगे। यह समय बाजार में वेटिलिटी लाने का है। यह इस दिन मंगलवार होगा। मंगलवार वैसे ही बाजार थोड़ा सा वोलेटाइल रहता है। तो यह इस समय के दौरान थोड़ा सा ध्यान रखिएगा। 18 जून को 9 बजकर 32 मिनट पर गुरु पुष्य में एंटर करेंगे। यह पॉजिटिव रहता है। लेकिन 18 जून की सुबह जरूर ध्यान में रखना पड़ेगा हमें। उसका कारण यह है कि 16 और 17 जिस दिन ये एस्ट्रो इवेंट है इससे पहले 16 और 17 को फेड की मीटिंग है। 17 रात को जब हमारा बाजार बंद हो जाएगा फेड का वर्डिक्ट आएगा। इंटरेस्ट रेट के ऊपर या फर्दर इकोनमिक आउटलुक के ऊपर उसका इंपैक्ट हमें 18 जून को देखने को मिलेगा। हो सकता है दिन में वोलेटाइल रहे और शाम को जब गुरु पुष्य नक्षत्र में जाए तो वहां से पॉजिटिव चीजें शुरू हो जाए। 

आप सबको याद होगा कि गुरु पुष्य जब नक्षत्र होता है यानी कि गुरुवार के दिन जब पुष्य नक्षत्र होता है तो उस दिन खरीदारी होती है। तो ये वैसे ही एक तरीके से गुरु का पुष्य नक्षत्र में जाना ठीक है। यह पॉजिटिव साइड पे सेंटीमेंट लेकर आएगा। 21 जून को जो है वह मंगल वृषभ में एंटर कर जाएंगे। मंगल का शुक्र की राशि में आना यह अल्टीमेटली बुलियंस के लिए तेजी का कारक होता है। यहां पर हमें तेजी देखने को मिल सकती है। 22 जून को ही 12 बजकर 31 मिनट पर सूर्य जो है वह आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और सूर्य का आर्द्रा नक्षत्र में आना नेगेटिव है। यह थोड़ा सा ध्यान रखेंगे कि इस समय के दौरान हमें हलचल देखने को मिल सकती है बाजार में और इसी दिन 12 बजकर 31 मिनट पर सूर्य आर्द्रा में आ रहे हैं और 3 बजकर 41 मिनट पर बुध जो है वह कर्क राशि में गोचर करेंगे। पहले से यहां पर गोचर हो रहा होगा गुरु और शुक्र का। यहां पर बुध आ जाएंगे। उधर सूर्य आर्द्रा में आ जाएंगे। यह दिन 22 जून वाला वोलेटिलिटी वाला रहेगा। यहां पर अपनी पोजीशन ध्यान से रखने की जरूरत पड़ेगी। 

23 जून को जो है वो 2 बजकर 12 मिनट पे यानी कि 22 जून मध्य रात्रि को शुक्र अश्लेषा में एंटर करेंगे। यह पॉजिटिव साइन है। यहां से बाजार यानी कि 23 से ठीक होना चाहिए और 25 को जो है वो 5 बजकर 29 मिनट पर शुक्र और शनि का 120° का एक्सिस बनेगा। यह एक्सिस नॉर्मली वोलेटिलिटी लेके आता है बाजार में। इस दिन अपनी इस समय के दौरान अपनी पोजीशन का ध्यान रखेंगे। 29 जून 2026 को मंडे का दिन है। बुध वक्री हो जाएंगे। यहां से बाजार नेगेटिव होना शुरू हो सकता है क्योंकि बुध बहुत समय बाद वक्री होंगे और 29 जून के बाद बाजार में थोड़ा सा ध्यान रखना पड़ेगा। उसका कारण यह है कि 30 को राहु जो है वह मंगल के धनिष्ठा नक्षत्र में आएंगे। वहां पर भी हमें हलचल देखने को मिलेगी।  यह एक आउटलुक है पूरा महीने का। जून का मोटा-मोटा मुझे लग रहा है कि एस्ट्रो यदि देखते हैं तो बुलियंस पॉजिटिव रहने चाहिए। यदि हम एक 31 मई का लेवल कंपेयर करेंगे और जून का एंड का लेवल कंपेयर करेंगे तो मुझे लगता है काफी कंफर्टेबल पोजीशन में रहना चाहिए क्योंकि राशि एक्टिव है। पॉजिटिव एनर्जी कर्क राशि में है। हां, इतना जरूर ध्यान रखिएगा कि जो कर्क राशि है, वह जल तत्व की राशि है। यह भावनाओं को नियंत्रित करने वाली राशि है। और यहां पर यदि आपने डिसीजन मेकिंग में थोड़ा सा भी भावनाओं से काम लिया। पता कई बार होता क्या है? सिल्वर चला या गोल्ड चला। आपको लगा फॉर्मो का शिकार हो गए। आपने एंट्री मारी ऊपर से सीधा नीचे। अल्टीमेटली जाएगा तो ऐसे ही न। मींस ऐसा तो जा नहीं सकता। ऐसे ही जाएगा। ऐसा ना हो कि कहीं आप यहां पर फंसे फिर नीचे गिरे फिर पोजीशन काटे और फिर ऊपर उठा के ले जाए। तो यह थोड़ा सा ध्यान जरूर रखना पड़ेगा क्योंकि इमोशंस की राशि है। चंद्रमा की राशि है। जहां पर तीनों की एनर्जी रहेगी। तो ये थोड़ा सा अपने लेवल देख के काम करिएगा। 

नरेश कुमार
https://www.facebook.com/Astro-Naresh-115058279895728

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Sarita Thapa

Related News