शादी का लड्डू खाने के लिए हैं बेकरार, आज ही करें ये काम

2021-03-03T09:24:55.92

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

What are the houses in marriage astrology- अविवाहित जीवन सबसे बड़ा दुर्भाग्य है जिसमें पूर्व जन्म के घोर पापों का फल जातक को इस जन्म में भुगतना पड़ता है। जन्मकुंडली में ऐसे योगों को इस प्रकार दर्शाया गया है :

PunjabKesari Jaldi shadi karne ke upay

यदि किसी जातक की जन्मकुंडली में चंद्रमा पंचम भाव में हो तथा पापग्रह सप्तम एवं द्वादश भाव में बैठे हों अथवा बुध एवं शुक्र सप्तम भाव में हो और सप्तम भाव पर शुभ ग्रहों की दृष्टि न हो अथवा शनि, मंगल युति करके (दोनों ग्रह) सप्तम भाव में बैठे हों, लग्र से, चंद्रमा से अर्थात चंद्र कुंडली में सप्तम भाव में हों अथवा शुक्र ग्रह से सप्तम स्थान में हों तो ऐसे जातक का परिस्थितिवश विवाह नहीं हो पाता और वे जीवन-भर कुंवारे ही रहते हैं।

यदि किसी जातक की जन्मकुंडली में सप्तमेश छठे, आठवें या बारहवें भाव में हो और षष्ठेश, अष्टमेश या द्वादशेश (व्ययेश) सप्तम भाव में हो अथवा राहू एवं चंद्रमा किसी भी जातक की जन्मकुंडली में बारहवें भाव में बैठे हों और शनि एवं मंगल की बारहवें भाव में राहू, चंद्रमा पर पूर्ण दृष्टि हो तो ऐसा जातक प्राय: जीवन भर अविवाहित रहता है अथवा परिस्थितिवश शादी नहीं करता।

यदि किसी जातक की जन्मकुंडली में कमजोर चंद्रमा पंचम भाव में हो और पापी ग्रह लग्र प्रथम भाव, सप्तम भाव या बारहवें भाव में हों तो ऐसा जातक प्राय: जीवन भर अविवाहित ही रहता है क्योंकि ऐसा जातक परिस्थितिवश शादी करने से इंकार कर देता है अथवा परिस्थितिवश जातक का विवाह नहीं हो पाता।

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Jaldi shadi karne ke upay उपाय
जातक को शुक्राचार्य द्वारा रचित स्तोत्रों से शिव शक्ति की पूजा शीघ्र विवाह कराती है।

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Content Writer

Niyati Bhandari

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