Inspirational Story : क्यों खाली जेब वाला भी हो सकता है सबसे अमीर इंसान ?

punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 03:55 PM (IST)

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Inspirational Story : एक महर्षि थे, उनका नाम था कणाद। किसान जब अपना खेत काट लेते थे तो उसके बाद जो अन्न के कण पड़े रह जाते थे, उन्हें बिन कर वह अपना जीवन चलाते थे। इसी से उनका यह नाम पड़ गया था। जब देश के राजा को उनके कष्ट का पता चला तो उसने बहुत-सा धन लेकर अपने मंत्री को उनके पास भेजा। मंत्री पहुंचा तो महर्षि ने कहा, ‘‘मैं ठीक हूं। इस धन-दौलत को तुम उन लोगों में बांट दो, जिन्हें इसकी जरूरत है।’’ इस तरह राजा ने तीन बार अपने मंत्री को भेजा और तीनों बार महर्षि ने कुछ भी लेने से मना कर दिया।

आखिर में राजा खुद उनके पास गया। वह अपने साथ बहुत-सा धन ले गया।

उसने महर्षि से इसे स्वीकार करने की प्रार्थना की किंतु वह बोले, ‘‘उन्हें दे दो, जिनके पास कुछ नहीं है। मेरे पास तो सब कुछ है।’’ राजा को आश्चर्य हुआ जिसके तन पर एक लंगोटी मात्र है, वह कह रहा है कि उसके पास सब कुछ है। उसने लौटकर पूरी कहानी अपनी रानी से कही। वह बोली, ‘‘आपने भूल की। ऐसे साधु के पास कुछ देने के लिए नहीं, लेने के लिए जाना चाहिए।’’

राजा उसी रात महर्षि के पास गए और माफी मांगी।

कणाद ने कहा, ‘‘गरीब कौन है? मुझे देखो और अपने को देखो। बाहर नहीं, भीतर। मैं कुछ भी नहीं मांगता, कुछ भी नहीं चाहता। इसलिए अचानक ही सम्राट हो गया हूं। एक धन-दौलत बाहर है और एक भीतर है। जो बाहर है वह आज या कल छिन ही जाती है। इसलिए जो जानते हैं वे उसे संपदा नहीं, विपदा मानते हैं।’’


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Content Editor

Prachi Sharma

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